
सिंचाई मंत्री ने बाढ़ परियोजनाआें का किया औचक निरीक्षण, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियोंं के साथ की बैठक
लखीमपुर खीरी. शनिवार को सिंचाई मंत्री एवं सिंचाई धर्मपाल सिंह ने शारदा नदी के तटबंध का औचक निरक्षण किया। साथ ही परियोजना के अंतर्गत कुछ कार्यो में कमियां पाये जाने पर उन्हें तत्काल ठीक कराये जाने के निर्देश भी दिये। मंत्री के निरीक्षण के दौरान ग्राम वासियों ने उन्हें रेवतीपुरवा के कटान के बारे में जानकारी दी। इस पर उन्होनें इस ग्राम को भी परियोजना में शामिल करने के निर्देश दिये। उन्होनें कहा कि कि बाढ़ के प्रभाव से होने वाली जन धन हानि को रोकने के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्घ है। जनपद लखीमपुर में बाढ़ की दृष्टि से 05 संवेदनशील और 02 अतिसवेदनशील तटबद्घ है। वही जनपद में कुल 18 परियोजनाएं बनायी गयी है। जिनकी लागत करोड़ो में है।
उन्होनें बताया कि वर्तमान में बाढ़ सुरक्षा के लिये पर्याप्त धनराशि मौजूद है। गत वर्ष जो 26 गांव बाढ़ से प्रभावित हुये थे। उनकी परियोजनाएं बनाकर कार्य करवाया जा रहा है। इस वर्ष बाढ़ की सुरक्षा के दृष्टिगत 20 गांवों के सुरक्षात्मक कार्य करा लिये गये है। जनपद में 4 कंट्रोल रूम, 21 बाढ़ केन्द्र और 40 बाढ़ चौकियों की स्थापना की गयी है। संभावित बाढ़ क्षेत्रों में हुये कार्यो के निरीक्षण के पश्चात उन्होनें शारदा बैराज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बैराज का संचालन सुगम पाया गया। उन्होनें कहा कि 45 वर्ष पूराने इस बैराज को नवीन स्वरूप देने हेतु आधुनिकतम स्वचालन प्रणाली स्थापित करायी जायेगी।
उन्होनें उपस्थित सांसद और विधायकों से उनके क्षेत्र में सिंचाई एवं बाढ़ से सम्बन्धित समस्याआें और सुझावों पूछें। इस पर सांसद अजय मिश्र टेनी ने नेपाल से आने वाले पानी से पैदा होने वाली बाढ़ का उल्लेख करते हुए मांग की कि शारदा बैराज मे चैनल बनाये जाय। जिससे ज्यादा से ज्यादा पानी बाहर निकल सके तथा बाढ़ की समस्या का समाधान हो सके। जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि जनपद में 4 तहसीलें सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित होती है। उन्होनें अबतक जनपद में हुयी बाढ़ से निपटने की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक रामलाल वर्मा ने बताया कि जनपद में बाढ़ से निपटने के लिए सुरक्षा तैयारियां की जा चुकी है। शीघ्र ही एनडीआरएफ का दल मिल जायेगा। बाढ़ के दौरान गोताखोरों की उपयोगिता को देखते हुए कुछ गोताखोरांे का चिन्हाकंन किया जा चुका है। जिससे आवश्यकता पडऩे पर अविलम्ब इन्हें प्रभावित स्थान पर भेजा जा सके।
Published on:
08 Jul 2018 12:08 pm

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