
दो हिजड़ों ने मुझे एक कमरे में किया बंद, उसके बाद मेरे नाजुंक अंग के साथ...जब मुझे होश आया तो..
लखीमपुर खीरी. भीरा थाना क्षेत्र के मूसेपुर गांव के एक युवक ने किन्नरों की टोली पर खुद को जबरन किन्नर बनाने का आरोप लगाया है। मामला तीन महीने पहले का है। पीड़ित युवक का दावा है कि उसे भीरा-बिजुआ के दो किन्नरों ने अपनी संगत में रखकर जबरन किसी अनजान जगह एक कमरे में ले गए। बाद में उसे बेहोश कर उसका नाजुक अंग काट दिया। यही नहीं होश आने पर उसे तीन महीने तक भीरा के एक घर के कमरे में बंद करके उसका इलाज कराया। आरोप लगाने वाले युवक ने रविवार को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी शिकायत की। साथ ही बिजुआ पुलिस चौकी पर भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
मुख्यमंत्री से की शिकायत
आपको बता दें कि भीरा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी 24 साल के युवक ने किन्नरों की टोली के मुखिया पर खुद को धोखे से किन्नर बनाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत के जरिए इंसाफ की गुहार लगाई है। इस सनसनीखेज मामले में न्याय के लिए पुलिस को तहरीर भी दी गई है। दो साल पहले बिजुआ की एक टोली ने उसे अपने साथ नेग मंगवाने और ज्यादा पैसे देने का लालच देकर ले जाने लगा।
धोखे से काट दिया माजुक अंग
आरोप है कि तीन महीने पहले एक दिन किन्नर मुखिया ने उसे एक पार्टी में जाने की बात कही और किसी अनजान जगह ले गए। वहां उसे खाने में नशीला पदार्थ दे दिया। जिससे वह कमरे में ही बेहोश हो गया। जब उसे होश आया तो तीन दिन बीत चुके थे और उसका नाजुक अंग काटा जा चुका था। युवक का आरोप है कि उसे वहां से भीरा लाया गया। जहां एक बंद कमरे में तीन महीने तक रख कर इलाज भी कराया गया। साथ ही हर रोज धमकी दी गई कि अगर वह जुबान खोलेगा तो उसे अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ेगा।
गरीबी के चलते किन्नरों की टोली से जुड़ा
भीरा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति के चार बच्चे थे। दो बेटे और दो बेटियां। व्यक्ति के गुजरने के बाद परिवार की जिम्मेदारी दोनों बेटों पर आ गई थी। बड़े बेटे की उम्र अधिक होने के कारण उसको तो मजदूरी मिल जाती थी। लेकिन उसके छोटे भाई को उम्र कम होने के कारण कोई मजदूरी भी नहीं देता था। ऐसे में डांस का शौक रखने वाला छोटे भाई गांव में ही एक ब्रास ब्रांड कंपनी से जुड़कर नाचने का काम करने लगा। रात को नाचने के बाद में उसे जो पैसे मिल जाते थे। उससे उसका गुजरा चलता था। लेकिन रोज काम न मिलने के कारण उनके सामने पेट चलाने का संकट खड़ा हो गया। इसी के चलते वह किन्नरों की टोली से साथ जुड़ गया।
की जा रही है आरोपों की जांच
वहीं पूरे मामले में बिजुआ चौकी इंचार्ज सुनील सिंह का कहना है कि इस मामले में प्रार्थना पत्र मिला है। दोनों पक्षों को चौकी पर बुलाया गया है। मामला थाना क्षेत्र का भी नहीं है। फिर भी प्रार्थना पत्र के मुताबिक आरोप की जांच की जा रही है।
Updated on:
26 Jun 2018 09:58 am
Published on:
25 Jun 2018 08:04 am

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