
कर्तनिया में मानसून ने रोका बाघों की गिनती का काम, दो महीने के लिए टला
लखीमपुर खीरी. तीन जिलों में एक साथ चल रही बाघों की गणना में मानसून ने खलल डाल दिया है। इसके चलते पीलीभीत के कर्तनिया में तीसरे फेज की होने वाली बाघ गणना को दो माह के लिए टाल दिया गया है। इस बार की हो रही गणना में बाघों के बाद बदलना रहे नेचर को लेकर भी पड़ताल की जा रही है। इसके लिए कैमरे लगाकर उनकी गिनती और पूरा डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। दुधवा पार्क के निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया कि इस बार दुधवा, किशनपुर ,पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना का काम दो फेज में पूरा कर लिया गया है। दूसरे पेज में के लिए कर्तनिया को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर काम शुरू कर दिया है। इसके पीछे वजह यह है कि मानसून के चलते इस जगह पर बाघों की गणना का काम दो माह के लिए टाल दिया गया है।
कर्तनिया घाट में नहीं लगे कैमरे
वहीं दुधवा निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया कि तीन पेजों में बाघो की गणना का काम पूरा किया जाना है। पहले फेज में साइन सर्वे दूसरे फेज में डाटा कलेक्शन और तीसरे फेज में कैमरा लगा कर इनको ट्रेप किया जाना है। इसके लिए किशनपुरा,दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। कर्तनिया में मानसून के चलते दो माह बाद कैमरे लगाए जाएंगे।
5 दिन में 200 मीटर के दायरे में घूम रहा है बाघ
महेशपुर वन रेज में किसान पर हमला कर जान से मारने वाले बाघ की लोकेशन वन महकमे ने ट्रेस की है। इसमें बाघ पिछले 5 दिनों में 200 मीटर के दायरे में ही होने को बताया जा रहा है। बाघ को लेकर सुंदरपुर गांव सहित पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। महेशपुर रेंज में बीती 18 जून को देवीपुर के सुंदरलाल गांव के बालकराम 35 पर खेत में काम करते वक्त बाघ ने हमला कर दिया था। इसमें बालक राम की मौत हो गई थी। इसको लेकर गांव के लोगों ने हंगामा कर विभाग के कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की थी। लोग और विधायकों के दबाव में आकर वन विभाग की टीम बाघ की लोकेशन ट्रेस की थी। वन विभाग की लोकेशन के अनुसार हमला करने वाला बाघ अभी भी 200 मीटर के दायरे में घूम रहा है। बाघ की पांच दिन से वही मौजूदगी को लेकर गांव वालों में दहशत है।
Published on:
24 Jun 2018, 8:16 AM IST
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