
तबाही मचाने को बेताब शारदा और घाघरा, प्रशासन का अलर्ट जारी
लखीमपुर खीरी. हर साल बरसात के समय मे बाढ़ प्रभावित क्षत्रो में रहने वाले लोगो पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है और इस बार भी हर साल की तरह फिर शारदा, घाघरा और मोहाना नदी तबाही मचाने को बेताब लग रही है। फूलबेहड़ के तटबंध पर उनके फटने का खतरा जोरो पर मंडराने लगा है।
बाढ़ का मंडराने लगा खतरा
शारदा के कहर से पलिया, निघासन, तिकुनिया और फूलबेहड़ में प्रशासन का अलर्ट जारी हो चुका है। अगर बाढ़ आई तो लखीमपुर खीरी के 40, निघासन के 54, धौरहरा के 55, गोला के 14 , पलिया के 37 राजस्व गांव बाढ़ से प्रभावित होंगे। लेकिन इसमें लखीमपुर खीरी में 16, निघासन के 19, धौरहरह के 22, गोला के दो और पलिया के 13 गांव शारदा और घाघरा के निशाने पर है। यहां पर नदियां लगातार कटान कर रही हैं। जिले की शारदा और घाघरा जैसी बड़ी नदियां हर साल जिले में तबाही मचाती रही है। लखीमपुर तहसील के ब्लाक फूलबेहड़ के कई गांव अभी भी शारदा नदी के जल स्तर से घिरे हुये हैं । बनबसा से पानी छोड़ा गया। तो फूलबेहड़ क्व 150 गांव बाढ़ से प्रभावित हो जाएंगे ।
वजूद खो रही हैं छोटी नदियां
जिले की सहायक और छोटी-बड़ी नदियां धीरे-धीरे अपना वजूद खोती जा रही है। खीरी जिले में शारदा, घाघरा, कौडियाला, उल्ल, सराय, कटना गोमती,मुहाना और सुहेली नदिया है। सुहेली नदी दुधवा नेशनल पार्क की लाइफ लाइन कही जाती है। कठिना नदी तहसील गोला से मोहम्मदी और मितौली होते हुए सीतापुर में गोमती नदी में मिल जाती है। सुहेली नदी के बरसात में उफान पर दुधवा नेशनल पार्क की वन संपदा को नुकसान पहुंचाता है। सराय नदी का उद्गम गोला के निकट अहमद नगर से हैं। सराय नदी से बाढ़ का कोई प्रभाव जिले पर नहीं पड़ता है। नेपाली नदी मुहाना और करनाली भी भारतीय सीमा क्षेत्र के कई गांवों को तबाही में जाती है।
Published on:
06 Jul 2018 10:19 am

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