
मोहम्मदी पुलिस पर सिख संगठन ने लगाया गुंडागर्दी का आरोप, घर में घुसकर लूट ले गए पैंतालिस हजार रुपए
लखीमपुर-खीरी. सिख संगठन उप्र ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मोहम्मदी पुलिस द्वारा उत्पीडऩ किए जाने की शिकायत की। संगठन ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मोहम्मदी क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी गुरजीत सिंह पुत्र कुलविंदर सिंह 24 जून की शाम करीब 7ः30 बजे अपनी मोटर साइकिल पर दो मजदूरों को छोडऩे बगल के गांव जा रहे थे। उन्हें चैकी इंचार्ज रेहरिया जगपाल सिंह ने रोक लिया। गाड़ी के कागजात पूछा और इसी बात को लेकर थोड़ी बहस हुई। मौका पाकर गुरजीत सिंह बाइक लेकर भाग गए। उसके बाद मौके पर पहुंचे गुरजीत के पिता कुलविंदर सिंह पहुंचे। उन्होंने दरोगा को बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन दरोगा नहीें मानें। उन्होंने मामले में निर्दाेष लोगों को भी लपेटे में ले लिया। चार आदमियों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। जबकि पूरे इलाके में लोग आज तक जगपाल सिंह को ठाकुर बिरादरी का मानते थे। इस घटना के बाद सबको पता चल गया कि जगपात या तो एससी में आते हैं या फिर एसटी में।
सिख संगठन ने सारे मामले को संदिग्ध मानते हुए इन धाराओं को खत्म करने की मांग की। उन्होंने बताया कि चैकी इंचार्ज अपने 10-12 अन्य पुलिस कर्मियों को लेकर 5/6 जुलाई की रात करीब 12ः30 बजे सुरेंद्र सिंह के घर पर धावा बोल दिया और घर के बाहरी दरवाजा तोडऩे के बाद घर के अंदर के दरवाजे भी तोड़ दिए। बाहर पड़ी लोहे की साड़ी से छत पर चढ़कर छत पर पड़ी पानी की टंकी, डिश और स्टैंड वाले पंखे को तोड़ कर छत से नीचे फेंक दिया। ऊपर से अंदर जाने वाली सीढिय़ों का दरवाजा तोड़कर नीचे पहुंचकर घर का सामान अलमारियों से निकाल कर फर्श पर फेंक दिया। बाथरूम की टोटियां, फिटिग तोड़ डाली तथा रसोई का सारा सामान बिखरा दिया। मोटर साइकिल की नंबर प्लेट तोड़ डाली और कार के बोनट पर डंडे मारे।
घर में कोई भी आदमी नहीं था, केवल औरते ही थीं जिनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग कर उनके सम्मान को ठेंस पहुंचाई। यही नहीं अलमारी में रखे 45350 रुपए भी लूट लिए और औरतों को अपने आदमियों को समझा लेने व न मानने पर एनकाउंटर कर देने की धमकी देकर चले गए। सिख संगठन ने पुलिस अधीक्षक से दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित करने व पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। इस बावत पुलिस अधीक्षक राम लाल वर्मा ने बताया कि चैकी इंचार्ज रेहरिया को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया। जांच सीओ से लेकर एएसपी को दे दी गई है। 12 जुलाई तक जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
Published on:
10 Jul 2018, 2:08 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.