
लखीमपुर खीरी. 'हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती...' इस कहावत को सच कर दिखाया है जिले के होमगार्ड जवान ने। पलिया कलां तहसील के रहने वाले ज्ञानेंद्र कुमार ने न ही जिले का नाम रोशन किया, बल्कि होमगार्ड विभाग का भी नाम रोशन किया है। होमगार्ड ज्ञानेन्द्र कुमार को लखनऊ विश्वविद्यालय से हिंदी में उत्तरशती के हिंदी व्यंग साहित्य का समाजशास्त्रीय चिंतन टॉपिक पर पीएचडी की डिग्री प्राप्त हुई है।
होमगार्ड ज्ञानेन्द्र को पीएचडी की उपाधि मिलने पर लखीमपुर के एसपी डॉक्टर एस चिनप्पा ने ज्ञानेंद्र कुमार को अपने दफ्तर में सभी के सामने साल ओढ़ाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। एसपी ने अपने सभी अधीनस्थों से होमगार्ड ज्ञानेंद्र कुमार से सीख लेने की बात कही।
सम्मान पाकर आंसू छलक पड़े
एसपी एस चिनप्पा द्वारा सम्मानित किये जाने पर ज्ञानेन्द्र की आंखों से आंसू झलक आये। ज्ञानेन्द्र ने कहा कि यदि हम संकल्प करके किसी भी कार्य को करते हैं। तो ईश्वर भी हमारे सपनों को भी साकार करने में हमारी पूरी मदद करता है।
ज्ञानेंद्र का दर्द भी बाहर निकल पड़ा
एसपी द्वारा सम्मानित होने के दौरान जुबां पर उनका दर्द भी बाहर आ गया। ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि आज हम होमगार्ड को लोग ज्यादा पसंद नहीं करते हैं। इसका एक मुख्य कारण यह भी है कि वे यह सोचते हैं कि हम 8वां या 10वां ही पास होते हैं और होमगार्ड में भर्ती हो जाते हैं। हमें उन लोगों की इस सोच को बदलना होगा। ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि अब समय आ गया है कि हमें भी हमारी मेहनत के हिसाब से ही मेहनताना दिया जाये।
जिले भर के होमगार्डों ने दी बधाई
ज्ञानेन्द्र कुमार को पीएचडी की उपाधि मिलने पर जिले भर के होमगार्डों ने उन्हें बधाई दी है। साथ ही सभी होमगार्ड ने ज्ञानेन्द्र से सीख भी ली कि हर शख्स वह सब कर सकता है, जो वो चाहता है। बस जरूरत है तो दृढ़ इच्छाशक्ति की।
Updated on:
14 Oct 2017 09:37 am
Published on:
14 Oct 2017 08:49 am
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