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कोरोना वायरस बढ़ा रहा मानसिक तनाव, डिप्रेशन में जा रहे लोग

प्रदेश में कोविड-19 (Covid-19) का संक्रमण बढ़ रहा है और इसी के साथ बढ़ रहे हैं डिप्रेशन के किस्से। कोरोना काल में लोगों में अकेलेपन की भावना बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही मानसिक हेल्पलाइन सेवा में अपनी सेवा दे रही मनोवैज्ञानिक डॉ. अंशु चौहान बताती हैं कि कोरोना काल में घर में रहने वाले बच्चे और बुजुर्गों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है

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कोरोना वायरस

corona virus

ललितपुर. प्रदेश में कोविड-19 (Covid-19) का संक्रमण बढ़ रहा है और इसी के साथ बढ़ रहे हैं डिप्रेशन के किस्से। कोरोना काल में लोगों में अकेलेपन की भावना बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही मानसिक हेल्पलाइन सेवा में अपनी सेवा दे रही मनोवैज्ञानिक डॉ. अंशु चौहान बताती हैं कि कोरोना काल में घर में रहने वाले बच्चे और बुजुर्गों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है। लोग घर में रह कर खुद को कैद महसूस कर रहे हैं। युवाओं में भी इन दिनों भविष्य की चिंता को लेकर मानसिक दवाब बढ़ रहा है।

कोरोना काल में ज्यादातर नौकरियां चली गई हैं। जहां नौकरी है, वहां सैलरी कट रही है। ऐसे में दिमागी परेशानी लोगों को परेशान कर रही है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि कोरोना काल के इन हालात से निपटने के लिए समय का सही इस्तेमाल करना चाहिए। उनके मुताबिक जिन विषयों में रूचि हैं उन पर किताबें पढ़नी चाहिए, घर में पेड़ और पौधों से भी सकारात्मकता का एहसास हो सकता है। लखनऊ से मनोचिकित्सक डॉ. अनिरुद्ध केशव कहते हैं कि मानसिक तनाव लगातार बने रहने से वो डिप्रेशन में तब्दील हो जाता है। इसके लक्षणों को पहचानना जरूरी है और इसके साथ ही सकारात्मक सोच होना भी जरूरी है। लक्षणों को पहचानकर आपको काउंसलर से संपर्क करना होगा या अपने किसी करीबी को अपनी समस्याओं के बारे में बताने की जरूरत है। मानसिक परेशानी के ये लक्षण भी हो सकते हैं-

मानसिक तनाव दूर करने के उपाय

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