2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो हजार निजी कंपनियों को लग सकता है ILFS में निवेश से झटका

कर्मचारियों के पीएफ की रकम लगा रखी है बांड में इन्फोसिस, टाटा पावर, ल्यूपिन जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल

less than 1 minute read
Google source verification

image

Saurabh Sharma

May 13, 2019

ILFS

दो हजार निजी कंपनियों को लग सकता है ILFS में निवेश से झटका

नई दिल्ली। इनफ्रस्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज ( आईएलएफएस ) और उसकी सहायक कंपनियों के बांडों में निवेश का खमियाजा म्यूचुअल फंड ( Mutual Fund ) और बीमा कंपनियों के बाद अब निजी क्षेत्र की करीब 2,000 कंपनियों को उठाना पड़ सकता है। इनमें इन्फोसिस, टाटा पावर, ल्यूपिन जैसी दिग्गज कंपनियां शुमार हैं।

यह भी पढ़ेंः-कांग्रेस ने दो Tweet पर खर्च कर डाले 8.6 लाख रुपए, जानिए Twitter की जंग में कौन है किस पर भारी

इन कंपनियों नेअपने निजी भविष्य निधि और पेंशन फंड का निवेश आइएलएंडएफएस समूह की फर्मों के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचरों में किया है। इसपर उन्हें करीब 9,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इतना ही नहीं कर्मचारी भविष्य निधि योजना ( इपीएफएस ) 1952 के दिशा-निर्देशों के अनुसार इन कंपनियों को इस घाटे का वहन करना होगा।

यह भी पढ़ेंः-छह महीने के उच्चमत स्तर पर पहुंची खुदरा महंगाई दर,अप्रैल माह में हुई 2.92 फीसदी

वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( ईपीएफओ ) से भी आइएलएंडएफएस तथा इस तरह की जोखिम वाली फर्मों में निवेश की जानकारी मांगी है क्योंकि इसकी वजह से इस साल के लिए घोषित ब्याज दर का भुगतान करने में ईपीएफओ को मुश्किल हो सकती है। आइएलएंडएफएस, आइफिन और आइटीएनएल 'रेड' श्रेणी में हैं, जिसका मतलब है कि इन कंपनियों के पास नकदी नहीं है।

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार, फाइनेंस, इंडस्‍ट्री, अर्थव्‍यवस्‍था, कॉर्पोरेट, म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.