ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए सऊदी अरब से 80 मीट्रिक टन जीवन रक्षक गैस लाई जा रही है। ऑक्सीजन को भेजने का काम अडानी समूह और लिंडे कंपनी के सहयोग किया जा रहा है।
नई दिल्ली। भारत में कोविड 19 अपने चरम पर दुनिया में सबसे ज्यादा खराब स्थिति भारत की है। यहां सिर्फ कोविड मरीजों की संख्या में ही इजाफा नहीं हो रहा है, बल्कि ऑक्सीजन की भी कमी हो रही है। हालात यह पैदा हो गए हैं कि अब देश को ऑक्सीजन तक इंपोर्ट करनी पड़ रही है। ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए सऊदी अरब से 80 मीट्रिक टन जीवन रक्षक गैस लाई जा रही है। ऑक्सीजन को भेजने का काम अडानी समूह और लिंडे कंपनी के सहयोग किया जा रहा है।
भारतीय मिशन की ओर से किया गया ट्वीट
रियाद स्थित भारतीय मिशन ने ट्वीट करते कहा कि भारतीय दूतावास को अति आवश्यक 80 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन भेजने के मामले में अडानी समूह और एमएस लिंडे के साथ साझेदारी करने पर गर्व है। हम दिल से सऊदी अरब की हेल्थ मिनिस्ट्री को सभी तरह की मदद, समर्थन और सहयोग के लिए धन्यवाद देते हैं।
गौतम अडानी का ट्वीट
अडानी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडानी ने ट्वीट करते हुए कहा कि धन्यवाद भारतीय दूतावास, शब्दों से अधिक काम बोलता है। हम दुनिया भर से ऑक्सीजन लाने के आपात मिशन पर हैं। यह जहाज से भेजी जा रही पहली खेप है, जिसमें चार आईएसओ क्रायोजेनिक टैंक में 80 टन तरल ऑक्सीजन दम्मान से मुंद्रा के रास्ते में है।
ऑपरेशन 'ऑक्सीजन मैत्री'
आपको बता दें कि देश में ऑक्सीजन की डिमांड को देखते हुए भारत ने 'ऑक्सीजन मैत्री' ऑपरेशन की शुरूआत की है। इस ऑपरेशन के तहत ऑक्सीजन कंटेनर और ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए विभिन्न देशों के साथ संपर्क किया गया है। इंडियन एयरफोर्स शनिवार को चार क्रायोजेनिक टैंक सिंगापुर से लेकर आई थी।