बाजार में अपना एकाधिकार जमाने के लिए अमेजन जिस तरह के हथकंडों का सहारा लेता है, इस पर दुनिया भर में अब उसके विरोध में नियामक संस्थान एक्शन ले रहे हैं। ताजा उदाहरण इटली और यूरोप के हैं।
जयपुर। ई-कॉमर्स कंपनी अमजेन पर अब इटली में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इटली के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण ने ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनी अमेज़न पर 1.13 अरब यूरो (1.28 बिलियन डॉलर) का जुर्माना लगाया है। ये रकम भारतीय करेंसी में 9.6 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके साथ ही कई व्यवहार संबंधी उपायों को भी लागू किया है, जिनकी निगरानी एक विजिलेंस ट्रस्ट द्वारा की जाएगी। प्राधिकरण ने घोषणा की कि अमेज़न पर अपने बाजार प्रभुत्व का दुरुपयोग करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। कंपनी ने बाजार में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करते हुए ई-कॉमर्स क्षेत्र में अपने प्रतिस्पर्धियों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है।
प्रतिस्पर्धियों को नुकसान पहुंचाने में एकाधिकार का इस्तेमाल
द कंपीटिशन वॉचडॉग ने जारी अपने एक बयान में कहा है कि इटली के बाजार में अमेज़न ने अपने प्रभुत्व का इस्तेमाल करते हुए अपनी खुद की लॉजिस्टिक सेवाओं के फेवर में काम किया। इसके चलते कंपनी ने अपने प्रभुत्व को और बल दिया और ई-कॉमर्स क्षेत्र में अपने प्रतिस्पर्धियों को नुकसान पहुंचाया। दो सप्ताह पहले भी यूरोप के कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में अमेज़न पर 68.7 मिलियन यूरो का जुर्माना लगाया गया था। यह जुर्माना भी इसी अथॉरिटी ने लगाया था। ये जुर्माना एपल और बीट्स प्रोडक्ट्स की सेल में एंटी-कंपीटिटिव कॉपरेशन की वजह से लगाया गया है। बीट्स ऑडियो प्रोडक्ट्स बनाती है।
सिलेक्टेड सेलर से मिलकर कार्टेल बनाने का आरोप
कंपनियों के बीच हुए समझौते में एपल और बीट्स के प्रोडक्ट्स को केवल सेलेक्टेड रिसेलर ही अमेजन की इटालियन साइट Amazon.it पर बेच सकते थे। कंपीटिशन वॉचडॉग ने कहा कि ये यूरोपियन यूनियन रूल्स का उल्लंघन है। इसके लिए अथॉरिटी ने 68.7 मिलियन यूरो का फाइन अमेजन और 134.5 मिलियन यूरो का फाइन एपल पर लगाया। इसके अलावा एपल और बीट्स प्रोडक्ट्स पर Amazon.it पर लगे प्रतिबंधों को भी हटाने को कहा गया।