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र्इडी को बड़ा झटका, कोर्ट ने कहा, रिकवरी होने तक बैंकों का होगा संपत्ति पर दावा

अब वित्तीय अपराधियों की संपत्ति पर पहला दावा बैंकों का होगा, इसके बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उस पर अपना दावा कर सकता है। यह फैसला प्रिवेशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) से जुड़े मामलों के अपीलेट ट्राइब्यूनल ने सुनाया है।

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Saurabh Sharma

Aug 09, 2018

Nirav, mehul, mallya

र्इडी को बड़ा झटका, कोर्ट ने कहा, रिकवरी होने तक बैंकों होगा संपत्ति पर दावा

नर्इ दिल्ली। इंफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट यानि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पीएमएलए कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि वित्तीय अपराधियों की संपत्ति पर पहला दावा बैंकों का होगा, इसके बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उस पर अपना दावा कर सकता है। इसका मतलब साफ है कि विजय माल्या, नीरव मोदी आैर मेहुल चौकसी की जो संपत्ति जब्त है उस पर पहला हक बैंकों का होगा। इसके बाद बची हुर्इ संपत्ति पर र्इडी अपना दावा कर सकती है। ये फैसला कोर्ट ने एक निजी कंपनी आैर स्टैंडर्ड चार्टेड की सुनवार्इ के दौरान सुनाया है।

पीएमएल कोर्ट ने सुनाया यह फैसला
अब वित्तीय अपराधियों की संपत्ति पर पहला दावा बैंकों का होगा, इसके बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उस पर अपना दावा कर सकता है। यह फैसला प्रिवेशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) से जुड़े मामलों के अपीलेट ट्राइब्यूनल ने सुनाया है। ट्राइब्यूनल ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के पक्ष में यह फैसला विनसम डायमंड्स एंड जूलरी के मामले में ईडी के साथ विवाद में सुनाया है। ट्राइब्यूनल का कहना है कि गिरवी संपत्ति से बैंकों को वसूली करने का अधिकार न देना इनसाल्वेंसी एंड बैंकरप्सी एक्ट की भावना के खिलाफ होगा।

बैंकों की रिकवरी के बाद होगा र्इडी का दावा
इस फैसले के बाद ईडी बैंकों के पास गिरवी रखी संपत्ति को तब तक जब्त नहीं कर सकेगी जब तक बैंकों का पैसा रिकवर नहीं हो जाता है। ट्राइब्यूनल का कहना है कि ईडी आपराधिक गतिविधियों के अतिरिक्त तरीकों से अर्जित संपत्ति पर दावा नहीं कर सकती। इसमें उन आपराधिक गतिविधियों को शामिल किया गया है जिसके खिलाफ ईडी में मामला चल रहा हो।

क्या नीरव, मेहुल आैर माल्या पर लागू होग सह फैसला?
अब सवाल ये है कि ट्राइब्यूनल का यह फैसला नीरव मोदी, मेहुल चौकसी आैर माल्या पर लागू होगा? क्योंकि ये तीनों ही करीब 25 हजार का फ्राॅड कर विदेश में भाग चुके हैं। उनके प्रत्यपर्ण की कोशिशों में भारत सरकार के साथ र्इडी भी जुटा है। साथ र्इडी ने तीनों की काफी संपत्तियों को जब्त भी किया है। अगर ट्राइब्यूनल के इस फैसने को नजीर माना जाए तो बैंकों के हाथों में इन घोटालेबाजों की गर्दन होगी। साथ ही बैंकों को उनका डूबा हुआ रुपया भी वापस मिल जाएगा। एेसे में इस फैसले को बैंकों को पुर्नजीवित करने जैसा माना जा रहा है।