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फ्लिपकार्ट-वालमार्ट की मंजूरी के खिलाफ कोर्ट जाएगी कैट, 19 अगस्त को किया जा सकता है भारत बंद का एेलान

अमरीकी कंपनी वालमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआर्इ) की मंजूरी के खिलाफ कारोबारी संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआइटी) कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।

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Saurabh Sharma

Aug 09, 2018

Flipkart walmart deal

फ्लिपकार्ट-वालमार्ट की मंजूरी के खिलाफ कोर्ट जाएगी कैट, 19 अगस्त को किया जा सकता है भारत बंद का एेलान

नई दिल्ली। अमरीकी कंपनी वालमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआर्इ) की मंजूरी के खिलाफ कारोबारी संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआइटी) कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। कैट का कहना है कि 19 अगस्त को देश भर के सभी ट्रेडर्स एसोसिएशन की बैठक होगी और इस अधिग्रहण के खिलाफ भारत बंद के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

सीसीआर्इ ने दी थी मंजूरी
सीसीआर्इ ने मंजूरी देते हुए 12 पन्नों के अपने फैसले में कहा है कि प्रतियोगिता के मानक पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा भारी छूट से आम कारोबारियों की चिंताओं पर गौर किया जा सकता है, लेकिन इसकी वजह से सौदे को खारिज नहीं किया जा सकता है। बता दें कि भारतीय कारोबारी संगठनों का आरोप है कि वालमार्ट जैसी बड़ी कंपनियां देश को डंपिंग ग्राउंड बना सकती हैं और देश के आम कारोबारी प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे।

आयकर विभाग से सर्टिफिकेट लेगी वालमार्ट
मंजूरी मिलने के बाद वालमार्ट टैक्स सर्टिफिकेट के लिए आयकर विभाग में 15 दिनों के भीतर अर्जी दाखिल करेगा। वालमार्ट को फ्लिपकार्ट के शेयरधारकों को भुगतान पर देनदारी चुकता करनी होगी। फ्लिपकार्ट पहले ही आयकर विभाग को शेयर खरीद समझौते की जानकारी दे चुका है। इसके आधार पर आयकर विभाग फ्लिपकार्ट के निवेशकों द्वारा वालमार्ट को बेची जा रही हिस्सेदारी पर टैक्स की गणना कर रही है।

मर्इ लगी मुहर
दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स डील पर मर्इ में मुहर लगी थी। वॉलमार्ट ने देश की सबसे बड़ी ई-कामर्स कंपनी फ्लिफकार्ट को 1 लाख करोड़ में खऱीदा था। जिसके बाद फ्लिफकॉर्ट की 70 फीसदी हिस्सेदारी वॉलमार्ट की हो गर्इ थी। 30 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स बाजार पर फ्लिपकार्ट और अमेजन का नियंत्रण था। जो इस डील के बाद बदल गया। आपको बता दें कि वाॅलमार्ट दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी है। फ्लिपकार्ट भारत की सबसे बड़ी र्इकाॅमर्स कंपनी है। एेसे में यह डील दुनिया की सबसे बड़ी र्इकाॅमर्स डील कही गर्इ थी।