
इंफोसिस की रिपोर्ट में खुलासा, विशाल सिक्का को मिला 13 करोड़ रुपए का वेतन
नई दिल्ली।इंफोसिस कंपनी को कौन नहीं जानता। पिछले साल सीईओ पद पर हुए विवाद की वजह से कंपनी और उसके तत्कालिक सीईओ विशाल सिक्का काफी चर्चाओं में रहे थे। लेकिन जो रिपोर्ट कंपनी की ओर से आई है वो बड़ी ही चौंकाने वाली है। पिछले साल कंपनी के सीईओ पद छोड़ने वाले विशाल सिक्का को 2017-18 के लिए 13 करोड़ रुपए का पारिश्रमिक दिया गया हैं। आइए जानते हैं रिपोर्ट के अनुसार विशाल और बाकी लोगों को कितना पारिश्रमिक दिया गया है और उसमें कितनी बढ़ोत्तरी हुई है?
करीब 13 करोड़ रुपए का पारिश्रमिक
पिछले साल अगस्त में इंफोसिस के सीइओ पद से इस्तीफा देने वाले विशाल सिक्का को साल 2017-18 में 12.92 करोड़ रुपए का पारिश्रमिक मिला। सिक्का ने कंपनी के फाउंडर से विवाद के बाद इंफोसिस छोड़ दी थी। कंपनी की रिपोर्ट की मानें तो सिक्का को साल 2016-17 में 16.01 करोड़ रुपए मिले थे। गौरतलब है कि सिक्का ने 18 अगस्त 2017 को सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दिया था, जबकि 24 अगस्त को उन्होंने कार्यकारी वाइस प्रेसिडेंट पद भी छोड़ दिया था।
वेतन शामिल हैं ये भत्ते
इंफोसिस की रिपोर्ट की मानें तो साल 2017-18 में पारिश्रमिक विशाल सिक्का को 90 दिन का नोटिस पे और वेरिएबल के रूप में लगभग 2.94 करोड़ रुपए भी दिया गया है। साथ ही विशाल को फिसकल ईयर 2018 के पारिश्रमिक में 70772 के स्टॉक ऑप्शन के तौर पर 6.78 करोड़ रुपए भी दिए गए। वहीं दूसरी ओर मौजूदा साल जनवरी में इंफोसिस में सीईओ और प्रबंध निदेशक के रूप में शामिल होने वाले सलील पारेख को 3.98 करोड़ रुपए का पारिश्रमिक दिया गया है।
इनके वेतन में हुइ्र बढ़ोत्तरी
वहीं दूसरी ओर इंफोसिस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) यूबी प्रवीण राव के पारिश्रमिक में पिछले साल के मुकाबले 5 फीसदी की वृद्धि हुई है। उन्होंने पिछले साल 7.80 करोड़ रुपए मिला था, जिसे बढ़ाकर 8.22 करोड़ रुपए कर दिया गया है। सिक्का के इस्तीफे के बाद उन्होंने अंतरिम भूमिका में कदम रखा था क्योंकि कंपनी ने सीईओ की तलाश शुरू कर दी थी। रवि वेंकटेशन के वेतनभत्ते में 38 फीसदी वृद्धि हुई। उन्होंने इंफोसिस बोर्ड से इसी माह में इस्तिफा दिया है। उन्हें 1.43 करोड़ रुपए वेतन मिल रहा था। जबकि किरण मजूमदार शॉ को डायरेक्टर के तौर पर एक करोड़ रुपए का वेतन भत्ता मिला है। इंफोसिस की रिपोर्ट के अनुसार नंदन नीलेकणी ने अपनी मर्जी से वेतन न लेने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार वो अपने किसी काम के लिए कंपनी से कोई वेतन नहीं लेंगे। उन्होंने 24 अगस्त 2017 को इंफोसिस बोर्ड ज्वाइन किया था।
Published on:
23 May 2018 09:27 am

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