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जेट एयरवेज के जमीन पर आने से सबसे ज्यादा खतरा है इन कंपनियों को, जानें क्यों

जेट एयरवेज का ऑपरेशन बंद होने और फ्लाइट्स के किराए में भी बढ़ोतरी हुई है इसके साथ ही कई होटल और अन्य संस्थाओं को भी काफी नुकसान हुआ है पीक सीजन में कई कंपनियों को होगा नुकसान

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नई दिल्ली।जेट एयरवेज का ऑपरेशन बंद होने और फ्लाइट्स के किरायों में औसतन 25 फीसदी की बढ़ोतरी से पर्यटन उद्योग चिंतित हो गया है। जेट एयरवेज के बंद होने का सीधा असर घूमने जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है क्योंकि लोगों ने काफी दिन पहले टिकट करा लिया था। वह सभी लोग अब परेशान हो रहे हैं। इसके साथ ही इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे बड़े पैमाने पर होटलों की बुकिंग भी कैंसिल हो रही है, जिसका उनको काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।


किराए पर भी पड़ा है असर

पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि के कारोबार से जुड़ी एक साइट का कहना है कि जेट एयरवेज बंद होने के बाद मुंबई-हैदराबाद, मुंबई-दिल्ली और दिल्ली-मुंबई के बीच फ्लाइट्स के किराए क्रमश: 62 फीसदी, 52 फीसदी और 49 फीसदी तक बढ़ गए हैं। किराया बढ़ने के बाद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


सीजन में होगा काफी नुकसान

इसके अलावा आपको बता दें कि बेंगलुरु-दिल्ली सेक्टर में सबसे कम 10 फीसदी का असर पड़ा है। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुनील कुमार का कहना है कि यह संकट तब आया है जब पीक सीजन शुरू होने वाला है क्योंकि गर्मियों में ज्यादातर लोग छुट्टियां मनाने के लिए ठंडे शहरों या कई अन्य जगहों पर जाते हैं, लेकिन जेट एयरवेज के संकट का असर सभी पर देखने को मिल रहा है। वहीं, लोगों का मानना है कि यह संकट पूरे साल बना रहेगा। बढ़े किरायों की वजह से हमारे बिजनेस पर असर पड़ेगा।


बुधवार को बंद हुआ जेट ऑपरेशन

बता दें कि बुधवार रात से जेट एयरवेज ने अपना ऑपरेशन बंद कर दिया। इसमें काम करने वाले 22 हजार कर्मचारी रातोंरात सड़क पर आ गए। देश और विदेश में इस एयरलाइंस से यात्रा करने वाले लाखों पैसेंजर्स की भी परेशानी बढ़ गई। यह एयरलाइंस विदेशों को भी अपनी फ्लाइट्स भेजती थी। कई कर्मचारियों की हालत इतनी खराब है कि पैसों की किल्लत की वजह से कोई अपना घर बेचने को मजबूर है तो कोई अपनी ही सोसायटी में डिफॉल्टर बनकर जी रहा है।

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