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स्पेक्ट्रम निलामी के लिए Reliance jio ने भरा 6,500 करोड़ का बयाना

रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए बयाने के रूप में करीब 6,500 करोड़ रुपये जमा करवा दिए

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Yuvraj Singh Jadon

Sep 17, 2016

reliance jio

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नई दिल्ली। रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए बयाने के रूप में करीब 6,500 करोड़ रुपये जमा करवा दिए। यह राशि एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया, टॉप तीनों कंपनियों द्वारा जमा की गई राशि के लगभग बराबर है। 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे स्पेक्ट्रम नीलामी की डील हासिल करने के लिए कंपनियों ने 15000 करोड़ रूपए अर्नेस्ट मनी डिपोजिट के तौर पर जमा किए हैं। सूत्रों के मुताबिक यह पिछले साल के 20,435 करोड़ रूपए से कम है। हांलाकि इसकी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।

नीलामी प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि भारती एयरटेल ने करीब 1,980 करोड़ रुपये, वोडाफोन इंडिया ने करीब 2,745 करोड़ रुपये और आइडिया सेल्युलर ने करीब 2,050 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। उन्होंने बताया कि टाटा टेलिसर्विसेज ने भी 1,000 करोड़ रुपये जमा कराए हैं जबकि रिलायंस कम्यूनिकेशंस और एयरसेल ने क्रमश: 313 करोड़ और 120 करोड़ रुपये जमा कराए हैं।

55,000 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान
एक सीनियर अधिकारी ने ईटी से कहा, 'बयाने की रकम के सामान्य आकलन से पता चलता है कि सरकार को सिर्फ रिजर्व प्राइस पर एयरवेव्स की बिक्री से 1.5 लाख करोड़ की कमाई हो सकती है जबकि इससे 55,000 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान भी होगा। हालांकि, विश्लेषकों की राय अलग है। उनका कहना है कि सरकार एयरवेव्स की अब तक की सबसे बड़ी बिक्री में 80,000 करोड़ रुपए के करीब कमाएगी। वित्त मंत्रालय ने टेलिकॉम से 98,995 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जुटाने का प्रावधान किया है जिसमें इस वित्तीय वर्ष में 55,000 करोड़ रुपये से भी कम की स्पेक्ट्रम नीलामी भी शामिल है। बाकी रकम पिछले साल की नीलामी से मिलने वाली लेवी और सेवाओं के साथ-साथ बकाये के विभिन्न मद से आने का अनुमान है।

आइडिया, वोडाफोन की बढ़ेगी मुसीबत
एयरटेल ने आराम से डेटा स्पेक्ट्रम होल्डिंग्स हासिल कर ली। ऐसे में वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर नीलामी के लिए बढ़ती गहमा-गहमी में सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकतै हैं क्योंकि उनके पास 4G एयरवेव्स खरीदने के अलावा कोई चारा नहीं है। इन फ्रिक्वेंसीज के बिना उनके हाशिए पर चले जाने का खतरा रहेगा क्योंकि लड़ाई अब मोबाइल डेटा के क्षेत्र में छिड़ी है। सर्कल्स के आधार पर वोडाफोन और आइडिया के 4G एयरवेव्स होल्डिंग्स एयरटेल और जियो के आधे से भी कम हैं। सरकार सातों बैंड्स पर 2354.55 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी करने जा रही है और पहली बार 700 मेगाहट्र्ज बैंड्स के लिए भी नीलामी हो रही है।

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