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नई दिल्ली। मोदी सरकार के प्रयासों से देश में ग्रोथ की रफ्तार तेज हुई है। वहीं, भष्ट्राचार पर भी अंकुश लगा है। इसका फायदा नए बिजनेस शुरू करने वाले और पहले से काम कर रही कंपनियों को हुआ है। ग्लोबल रिसर्च फर्म इंस्ट्रीट्यूशनल इन्वेस्टर की रिपोर्ट के मुताबिक एशिया-पैसिफिक रीजन में भारतीय कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर हो रहा है। इसके चलते भारत ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए पसंदीदा स्थान बन गया है। रिसर्च फर्म ने एक सर्वे के जरिए भारतीय कंपनियों की रैकिंग कई सेक्टर्स में टॉप पर हैं।
कंपनियों को रैकिंग देने का आधार: कंपनियों की रैकिंग कॉर्पोरेट टांसपैरेंसी, ट्रस्ट और टॉप एग्जीक्यूटिव को आधार बनाकर दी गई है। सर्वे में 1394 इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स, 582 फाइनैंशियल इंस्टीट्यूशन और एनालिस्टों को शामिल किया गया है। इससे यह निकलकर सामने आया है कि भारतीय कंपनियां भी कई मामलों में विश्व की टॉप कंपनियों के बराबर उनके अधिक हैं।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स को लुभा रहीं भारतीय कंपनियां
इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर के मैनेजिंग डायरेक्टर रौलैंड्स रीस ने कहा कि वैश्विक मंदी और ब्रेक्जिट के बाद एशिया-पैसिफिक रीजन में इंडिया एक मजबूत लीडर के तौर पर उभरा है। इसके चलते इंडियन कंपनियां ग्लोबल और एशिया पैसेफिक इन्वेस्टर्स को सबसे ज्यादा लुभा रही है।
बैंकिंग - एचडीएफसी को एक्जीक्यूटिव, इन्वेस्टर रिलेशन प्रैक्टिस, एनालिस्ट में रैंक 1
ऑटो - मदरसन सूमी सिस्टम को ऑटो औैर ऑटो पार्टस में नंबर वन रैंक मिला है।
हेल्थ केयर - सन फार्मा इंडस्ट्रीज को हेल्थ केयर में नंबर वन रैंक मिला है ।
आईटी - इंफोसिस को आईटी सर्विस में टॉप रैंक मिला। इसमें चार कंपनियां भारत से हैं।
सबसे सम्मानित कंपनियां
मदरसन सूमी सिस्टम (ऑटो और ऑटो पार्टस)
मारुति सुजुकी इंडिया (ऑटो और ऑटो पार्टस)
एचडीएफसी व इंड्सइंड बैंक (बैंक)
कोटक महिंद्रा बैंक (बैंक)
सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज (हेल्थ)
ल्युपिन (हेल्थ केयर)
कमिंस इंडिया (इंडस्ट्रीज)
लार्सन एंड टुब्रो (इंडस्ट्रीज)
इन्फोसिस, टीसीएस (आईटी सर्विस)
माइंडट्री (आईटी सर्विस, प्रौद्योगिकी)
Published on:
07 Jul 2016 12:20 pm

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