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दो तिहाई कर्मचारी एआइ बॉस पर ज्यादा भरोसा करते हैं

क्या आपने कभी अपने सहयोगियों के साथ इस बात पर चर्चा की है कि आपका बॉस किसी स्वचालित मशीन की तरह व्यवहार करता है। अगर नहीं तो होशियार हो जाएं क्योंकि यह जल्द ही हकीकत में हो सकता है। हालांकि बहुत से कर्मचारियों के लिए यह काफी सुखद भी हो सकता है। दरअसल, साल 2030 तक दुनिया भर में 800 मिलियन (80 करोड़) श्रमिकों की जगह मशीनें ले सकती हैं। एलन मस्क जैसे प्रौद्योगिकी दिग्गजों का मानना है कि कम्प्यूटरी दिमाग से लैस इन 'समझदार मशीनों' से मानव सभ्यता को भी एक मौलिक जोखिम है।

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जयपुर

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Mohmad Imran

Dec 02, 2019

दो तिहाई कर्मचारी एआइ बॉस पर ज्यादा भरोसा करते हैं

दो तिहाई कर्मचारी एआइ बॉस पर ज्यादा भरोसा करते हैं

लेकिन एक नए सर्वेक्षण से पता चला है कि श्रमिकों का एक समूह एआई के प्रति दोस्ताना नजरिया रखता है। ऑरेकल और फ्यूचर वर्कप्लेस जैसी प्रौद्योगिकी एजेंसियों ने पाया कि 82 फीसदी श्रमिकों का मानना है कि आर्र्टिफिशियल इंटेलीजेंस रोबोट अगर मैनेजर का पदभार संभालें तो वे मानव प्रबंधकों से कई मामलों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। जैसे वे मानव की तुलना में वर्क शेड्यूल को एक समान बनाए रखने और सभी से निष्पक्ष रूप से जानकारी साझा करने में उन्हें पछाड़ सकते हैं।

64 फीसदी रोबोट पर करते भरोसा
एक ऑनलाइन सर्वे के अनुसार दुनिया भर में लगभग दो-तिहाई या 64 फीसदी श्रमिकों का कहना है कि वे अपने मानव प्रबंधक से अधिक एक रोबोट मैनेजर पर अधिक भरोसा करेंगे। सर्वे में चीन और भारत में, यह आंकड़ा लगभग 90 फीसदी तक पहुंच गया। रोबोट पर भरोसा करने वाले ये वे कर्मचारी हैं जिनकी प्रबंधनात्मक कार्य क्षमता औरों से बेहतर है और जो वर्कफ्लो प्रबंधन पर ज्यादा भरोसा करते हैं।
एशिया में भी बीते एक दो दशकों से रोबोटिक्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। भारत में औद्योगिक रोबोटों की बिक्री में एक साल में 39 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि चीन ने 2020 तक दुनिया के सबसे स्वचालित राष्ट्रों में अपनी जगह बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसका कारण है कि चीन और भारत जैसे देशों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्पादकता को बढ़ा रही है।

15 लाख करोड़ का मुनाफा संभव
रोबोट एवं एआई तकनीक के कारण 2030 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में 15 लाख करोड़ से ज्यादा (15.7 ट्रिलियन) का मुनाफा संभव है। नियमित कार्यों और प्रशासन को स्वचालित करने पर मानव कर्मचारी जटिल काम पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। जबकि उत्पाद विकास मशीनों के रूप में अधिक चुस्त हो जाएगा।
अनुसंधान मानता है कि रोबोट कार्यस्थल पर पूरक कौशल ला सकते हैं। ऑरेकल व फ्यूचर वर्कप्लेस के सर्वेक्षण के अनुसार आधे से अधिक श्रमिकों का कहना है कि वे रोबोट सह-कार्यकर्ता के साथ करने को लेकर काफी उत्साहित हैं।

खासकर मिलेनियल्स इसे एक अवसर के रूप में देखते हैं। भविष्य के कार्यस्थल और काम की प्रकृति के बारे में हाल ही हुए एक विश्व आर्थिक मंच की रिपोर्ट बताती है कि 2022 तक 75 मिलियन (7.5 करोड़) नौकरियां ऑटोमेशन के कारण इंसानों से छिन जाएंगी। जबकि 133 मिलियन (13.3 करोड़) अतिरिक्त नए रोजगार भी पैदा होंगे।
हालांकि कार्य अध्ययन में एआई के उपयोग पर शोध के उत्तरदाताओं ने कहा कि मानव बॉस अभी भी उनकी भावनाओं को समझने, उनका मार्गदर्शन करने और एक सहायक एवं प्रेरक कार्य वातावरण बनाने में एआई की तुलना में ज्यादा बेहतर हैं।