
Android Malware Warning (Image: ChatGPT)
Android Malware Warning: गूगल ने Arsink को लेकर एक अलर्ट जारी किया है, जिसने एंड्रॉयड (Android) स्मार्टफोन यूजर्स की चिंता बढ़ा दी है। मोबाइल सिक्योरिटी कंपनी जिमपेरियम (Zimperium) की रिपोर्ट के अनुसार एंड्रॉयड मैलवेयर आर्सिंक (Android Malware Arsink) एक एडवांस्ड रिमोट एक्सेस ट्रोजन (Remote Access Trojan - RAT) है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह नया मैलवेयर फोन में घुसकर कॉल लॉग्स, मैसेज, कॉन्टैक्ट्स और यूजर की निजी फाइलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बना सकता है।
यह कोई साधारण वायरस नहीं बल्कि एक एडवांस्ड तकनीक वाला एंड्रॉयड मैलवेयर (Android Malware) है। एक बार फोन में इंस्टॉल हो जाने के बाद यह हैकर्स को डिवाइस पर रिमोट एक्सेस देने में सक्षम हो सकता है। इससे यूजर के टेक्स्ट मैसेज, कॉल हिस्ट्री और फोन नंबरों की लिस्ट जैसी जानकारी हासिल की जा सकती है। इसके अलावा यह डिवाइस के माइक्रोफोन और स्टोरेज से जुड़ा डेटा भी एक्सेस कर सकता है, जिससे यूजर की प्राइवेसी को खतरा पैदा होता है। इसे एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि एंड्रॉयड मैलवेयर आर्सिंक (Android Malware Arsink) गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) के जरिए नहीं फैलता, बल्कि सोशल इंजीनियरिंग के जरिए यूजर्स को निशाना बनाता है। यूजर्स को ऐसे ऐप्स डाउनलोड करने के लिए उकसाया जाता है जो दिखने में असली और भरोसेमंद लगते हैं। ये मैलवेयर ऐप्स टेलीग्राम, डिस्कॉर्ड, थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स और डायरेक्ट डाउनलोड लिंक के जरिए शेयर किए जाते हैं। इनके नाम में मोड या प्रीमियम जैसे शब्द होते हैं, जिससे यह WhatsApp, Instagram, YouTube, Spotify, Facebook या TikTok के एडवांस वर्जन जैसे प्रतीत होते हैं।
Google ने साफ किया है कि एंड्रॉयड मैलवेयर आर्सिंक से जुड़े किसी भी ज्ञात वर्जन को प्ले स्टोर पर लिस्ट नहीं किया गया है। जिन स्मार्टफोन्स में Google Play Protect चालू है, वहां यह सिस्टम संदिग्ध ऐप्स को लेकर चेतावनी दे सकता है। इसके साथ ही Google ने सिक्योरिटी रिसर्चर्स के साथ मिलकर इस मैलवेयर से जुड़े कई खतरनाक क्लाउड नेटवर्क्स को भी बंद किया है।
फिर भी यूजर्स को सतर्क रहने की जरूरत है। अपने फोन को हमेशा लेटेस्ट Android अपडेट पर रखें, Play Protect को ऑन रखें, अनजान वेबसाइट्स से ऐप डाउनलोड करने से बचें और किसी भी संदिग्ध ऐप को इंस्टॉल न करें।
एंड्रॉयड मैलवेयर आर्सिंक अलर्ट यह साफ संकेत देता है कि थोड़ी-सी लापरवाही भी डिजिटल प्राइवेसी के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
Published on:
07 Feb 2026 05:15 pm
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