
New Phone Data Transfer (Image: ChatGPT)
New Phone Data Transfer: नया स्मार्टफोन हाथ में आते ही ज्यादातर लोग कैमरा चेक करने, फोटो खींचने, ऐप्स डाउनलोड करने में लग जाते हैं, लेकिन इसके साथ एक बड़ी गलती कर बैठते हैं। असली खतरा नया फोन लेना नहीं बल्कि पुराना फोन बंद करने की जल्दबाजी होती है। पुराना फोन सिर्फ एक डिवाइस नहीं, आपकी पूरी डिजिटल पहचान है। बैंक अकाउंट, UPI, WhatsApp, चैट्स, ऑफिस की फाइलें, आपकी निजी फोटो वीडियो और पासवर्ड सब कुछ इसी में होता है। ऐसे में अगर नये फोन में पुराने फोन का डाटा ट्रांसफर (New Phone Data Transfer) सही तरीके से नहीं हुआ तो यह भारी पड़ सकता है।
आज भी लाखों फोन चलाने वाले ऐसे हैं जो नया फोन लेने के बाद पुराने फोन को तुरंत फैक्ट्री रीसेट(Factory Reset ) कर देते हैं और बाद में पता चलता है कि WhatsApp चैट गायब है, बैंकिंग ऐप लॉग इन नहीं हो रहा या OTP पुराने फोन पर आ रहा है। इसलिए नया फोन ऑन करने से पहले डेटा ट्रांसफर करना बहुत जरूरी हो जाता है। डेटा ट्रांसफर सिर्फ फाइल भेजना नहीं बल्कि पूरी डिजिटल लाइफ को शिफ्ट करना है।
नया फोन लेने से पहले सबसे जरूरी काम है पुराने फोन का पूरा बैकअप लेना। इसमें फोनबुक (Contacts), कॉल हिस्ट्री, फोटो वीडियो, ऐप डेटा और सेटिंग्स शामिल होनी चाहिए। दोनों फोन को पूरी तरह चार्ज कर लें और वाईफाई (WiFi) कनेक्शन मजबूत होना चाहिए क्योंकि डेटा ट्रांसफर के दौरान अच्छा इंटरनेट होना बहुत जरुरी है। सबसे जरूरी बात यह है कि पुराने फोन को तुरंत डिलीट या डेटा साफ न करें। कम से कम एक या दो हफ्ते तक उसे अपने पास रखें क्योंकि कई बैंकिंग और सिक्योरिटी ऐप्स पुराने फोन से अप्रूवल मांगते हैं।
एंड्रॉइड यूजर्स के लिए गूगल बैकअप (Google Backup) सबसे भरोसेमंद तरीका माना जाता है। Google अकाउंट में लॉगइन होते ही फोन अपने आप ऐप्स, SMS, कॉल हिस्ट्री, कॉन्टैक्ट्स और सेटिंग्स का बैकअप ले लेता है। जब आप नया फोन लेते है तो वही Google अकाउंट डालते ही सिस्टम खुद आपको बैकअप रिस्टोर करने का विकल्प देता है। कुछ ही देर में आपका नया फोन लगभग पुराने फोन जैसा बन जाता है। यही वजह है कि एंड्रॉइड फोन डाटा ट्रांसफर गाइड (Android Phone Data Transfer Guide) में Google Backup को सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
फोन बदलते समय सबसे ज्यादा डर फोटो और वीडियो खो जाने का होता है। इसके लिए गूगल फोटोज (Google Photos) एक आसान तरीका है। यह आपकी सभी फोटो वीडियो को क्लाउड में सेव कर देता है, जिन्हें आप अपने नए फोन में Google अकाउंट से देख सकते हैं। ध्यान रखने वाली बात यह है कि Google Photos की स्टोरेज लिमिट होती है। अगर स्टोरेज भर जाए तो गूगल वन (Google One) प्लान लेकर एक्स्ट्रा स्पेस ले सकते है।
कई लोग मान लेते हैं कि WhatsApp चैट, Google Backup से अपने आप सेव हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं होता है। WhatsApp का बैकअप अलग से गूगल ड्राइव (Google Drive) पर लेना पड़ता है। तभी आप व्हाट्सएप का बैकअप अपने नए फोन में ले सकते है। अगर पुराना फोन बदलने से पहले यह स्टेप मिस कर दिया तो आपकी सालों की चैट हमेशा के लिए खो सकती है। इसलिए नया फोन लेने से पहले WhatsApp की चैट बैकअप सेटिंग जरूर चेक करनी चाहिए।
नया फोन लेने के बाद सबसे ज्यादा दिक्कत बैंकिंग ऐप्स और पासवर्ड को लेकर आती है। कई ऐप्स ऐसे होते है जो पुराने फोन से लॉगआउट(Logout) किए बिना नए फोन में एक्टिव नहीं होते। ऐसे में गूगल पासवर्ड मैनेजर (Google Password Manager) या किसी भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल कर सकते है। इसके अलावा दो स्टेप में वेरिफिकेशन (2 Step Verification) वाले ऐप्स को नए फोन में लेने में भी पुराना फोन जरूरी हो सकता है।
Updated on:
07 Feb 2026 05:35 pm
Published on:
07 Feb 2026 05:34 pm
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