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Budget 2026: बजट से पहले की परंपरा, आजादी के बाद से चली हलवा सेरेमनी, जानिए इसका इतिहास, महत्व और खासियत

Halwa ceremony budget 2026: हर साल आम बजट से ठीक पहले एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जो भले ही आम जनता की नजरों से दूर रहती हो, लेकिन देश की आर्थिक प्रक्रिया में इसका खास महत्व है।

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भारत

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MEGHA ROY

Jan 27, 2026

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Halwa ceremony budget 2026|फोटो सोर्स – Chatgpt

Halwa Ceremony Budget 2026: भारत में सालाना बजट पेश करने से पहले आयोजित की जाने वाली हलवा सेरेमनी एक लंबी और गौरवपूर्ण परंपरा है। वित्त मंत्रालय आज मंगलवार को इसी परंपरा को निभाएगी। यह हलवा समारोह 2026‑27 के केंद्रीय बजट की अंतिम तैयारियों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। आजादी के बाद से यह मीठी परंपरा न केवल मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए उत्साह और उमंग का अवसर रही है, बल्कि यह भारत के बजट इतिहास में भी एक सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

क्या है हलवा सेरेमनी? (What is Halwa ceremony)

हलवा सेरेमनी में मंत्रालय के भीतर बड़ी मात्रा में पारंपरिक भारतीय मिठाई हलवा बनाया जाता है और बजट से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को परोसा जाता है। लेकिन यह सिर्फ मिठाई बांटने का कार्यक्रम नहीं है। इसके साथ ही शुरू होता है वह “लॉक-इन पीरियड”, जिसमें बजट तैयार करने से जुड़े करीब 60-70 अधिकारी पूरी तरह बाहरी दुनिया से कट जाते हैं। इस दौरान न मोबाइल, न इंटरनेट और न ही किसी से संपर्क की इजाजत होती है, ताकि बजट से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी लीक न हो।

क्यों खास है हलवा सेरेमनी?

भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ काम की शुरुआत मीठे से करने की परंपरा है। हलवा सेरेमनी भी इसी सोच को दर्शाती है। यह न सिर्फ बजट के अंतिम चरण की शुभ शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि उन अधिकारियों और कर्मचारियों के कठिन परिश्रम को सम्मान देने का तरीका भी है, जो महीनों तक दिन-रात इस दस्तावेज पर काम करते हैं।इसके अलावा, यह समारोह एक स्पष्ट संकेत होता है कि अब बजट पूरी तरह गोपनीय मोड में चला गया है।

हलवा सेरेमनी का इतिहास (Halwa ceremony History)

हलवा सेरेमनी की परंपरा ब्रिटिश काल से चली आ रही है और आजादी के बाद भी इसे लगातार निभाया जाता रहा है। पहले बजट की छपाई नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में होती थी, जहां यह रस्म और भी व्यावहारिक महत्व रखती थी। अब भले ही बजट काफी हद तक डिजिटल हो गया हो, लेकिन परंपरा आज भी उसी सम्मान के साथ निभाई जाती है।

कौन-कौन होता है शामिल?

इस समारोह में वित्त मंत्री स्वयं हलवा चलाती हैं और अधिकारियों को परोसती हैं। इसमें वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, बजट डिवीजन के कर्मचारी और छपाई से जुड़े स्टाफ शामिल होते हैं। यह पल टीमवर्क, भरोसे और साझा ज़िम्मेदारी का प्रतीक बन जाता है।इस साल भले ही मंत्रालय का कामकाज Kartavya Bhavan में शिफ्ट हो गया हो, लेकिन तकनीकी कारणों से Budget 2026-27 की छपाई एक बार फिर North Block प्रेस में ही होगी और उसके साथ निभेगी वही पुरानी, भरोसेमंद हलवा सेरेमनी की परंपरा।

हलवा बनाने की एक आ सान और स्वादिष्ट रेसिपी

घी गरम करके उसमें सूजी को हल्का सुनहरा होने तक भून लें, फिर पानी और दूध डालकर अच्छे से चलाएं ताकि गुठलियां न बनें।अब चीनी, इलायची पाउडर, एक चुटकी नमक और काजू-किशमिश डालकर धीमी आंच पर पकाएं, जब हलवा गाढ़ा होकर घी छोड़ने लगे, तो समझिए बजट हलवा बनकर तैयार हो गया है।