Cause of Oral Cancer : तंबाकू-सिगरेट न लेने पर भी मुंह का कैंसर हो सकता है। भारत में यह बड़ी समस्या है जो ऐसे लोगों को भी होती है जिन्होंने कभी इनका सेवन नहीं किया। जानिए ऐसी 15 चीजों के बारे में जो कैंसर का कारण बन सकती हैं।
Cause of Oral Cancer : अगर आप तंबाकू या सिगरेट नहीं भी पीते हैं, तब भी आपको कैंसर होने का खतरा हो सकता है। वैसे तो मुंह के कैंसर की एक बड़ी वजह तंबाकू है, पर इसके अलावा भी कई कारण होते हैं। हमारे देश भारत में मुंह का कैंसर एक बहुत बड़ी बीमारी है, जिससे हर साल लाखों लोग मर जाते हैं। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि जो लोग कभी सिगरेट, शराब या तंबाकू खाते-पीते नहीं हैं, उन्हें भी कैंसर हो जाता है।
अमेरिका की एक साइंस मैगज़ीन 'साइंस ट्रांसलेशन मेडिसिन' में एक खबर छपी थी। इसमें टूथपेस्ट पर हुई एक रिसर्च के नतीजों के बारे में बताया गया था। इस खोज में पता चला कि टूथपेस्ट में 'ट्राइक्लोसन' नाम का एक खास केमिकल होता है। यह बैक्टीरिया और फंगस को मारने का काम करता है। कुछ साल पहले हुई एक मेडिकल रिसर्च में ये पाया गया था कि टूथपेस्ट में मौजूद ये 'ट्राइक्लोसन' कैंसर की वजह बन सकता है।
आजकल हम जो खाना खा रहे हैं, क्या वो वाकई शुद्ध है? क्या स्वादिष्ट लगने वाली हर चीज हमारी सेहत के लिए अच्छी है? शायद नहीं। कैंसर जैसी भयानक बीमारियों के बढ़ते मामलों के पीछे सिर्फ तंबाकू या सिगरेट ही नहीं, बल्कि हमारे खान-पान की कुछ आदतें और बाजार में मिलने वाली चीज़ों की सच्चाई भी एक बड़ा कारण है।
Mouth Cancer: नसा न करने वालों में Oral Cancer के लक्षण
सोचिए, सुबह हल्दी वाले दूध से लेकर रात की सब्ज़ी के मसाले तक, सब कुछ मिलावटी हो सकता है। हल्दी पाउडर, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, काली मिर्च ही नहीं, बल्कि आटा, चावल और तेल जैसी रोजमर्रा की चीज़ों में भी मिलावट के मामले सामने आते रहते हैं। ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में दुकानदार या कंपनियां इन चीज़ों में कुछ ऐसे सस्ते और हानिकारक केमिकल या सामान मिला देते हैं, जो धीरे-धीरे हमारे शरीर में जहर का काम करते हैं। ये मिलावटी चीज़ें सीधे तौर पर शरीर के सेल्स को नुकसान पहुंचाती हैं और कैंसर, मुंह का कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पैदा कर सकती हैं। आज कैंसर इतना क्यों बढ़ रहा है, इसकी एक बड़ी वजह यह मिलावटी खाना भी है।
हम अक्सर सोचते हैं कि अगर हम ज्यादा तला-भुना या फास्ट फूड खाएंगे, तो बस मोटे हो जाएंगे। लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज़्यादा डरावनी है। बर्गर, पिज्जा, समोसे, पकौड़े और दूसरी तली हुई चीज़ों में फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इन्हें बनाने में अक्सर जिस तेल का इस्तेमाल होता है, वो या तो बार-बार इस्तेमाल किया हुआ होता है या बहुत अच्छी क्वालिटी का नहीं होता।
ज्यादा फैट और खराब तेल से बने ये खाने सीधे तौर पर हमारे पाचन तंत्र और शरीर के अंदरूनी अंगों पर बुरा असर डालते हैं। रिसर्च बताती हैं कि इस तरह का आहार भी शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने में मदद कर सकता है। यानी, स्वाद के चक्कर में हम सिर्फ मोटापा नहीं, बल्कि मुंह का कैंसर को भी दावत दे रहे हैं।
कई बार ऐसा होता है कि दांतों की बीमारी की वजह से, या अगर हम मुंह की ठीक से सफाई नहीं रखते, या मुंह में कोई इन्फेक्शन हो जाए, तो भी कैंसर हो सकता है। दांतों की दिक्कतें कई बार जबड़े की हड्डी में कैंसर की वजह बन जाती हैं। अगर आपके दांत सड़ गए हैं, या टूट गए हैं और उनमें इन्फेक्शन हो गया है, तो इससे भी कैंसर का खतरा हो सकता है। इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि हम हमेशा अपने दांतों को साफ रखें और अगर दांतों में कोई भी परेशानी हो, तो फौरन डॉक्टर (डेंटिस्ट) को दिखाएं।"
- खाने-पीने की चीज़ें किसी भरोसेमंद दुकान या ब्रांड से ही खरीदें।
- हो सके तो हल्दी, मिर्च जैसे मसाले साबुत खरीदकर घर पर पीसें।
- बाहर का तला-भुना और फास्ट फूड कम से कम खाएं।
- घर का बना ताज़ा खाना ज़्यादा खाएं।
- सामान खरीदते समय उसके पैकेट पर दी गई जानकारी (जैसे बनने की तारीख, एक्सपायरी डेट और सामग्री) को ध्यान से पढ़ें।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और यह किसी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी दवा या उपचार को अपनाने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें।