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Karwa Chauth Vrat Vidhi : करवा चौथ की व्रत में क्या क्या सामान लगता है?

करवा चौथ का त्योहार 24 अक्टूबर को मनाया जाना है। इस दिन पत्नी अपने पति के लंबी आयु के लिए भगवान के लिए उपवास रखती हैं। ऐसे में आपको ये जानना चाहिए कि करवा चौथ के पूजा के लिए किन सामग्रियों कि जरूरत होती है। और व्रत कि विधि क्या होती है।

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करवा चौथ की व्रत में क्या क्या सामान लगता है?

Karwa Chauth Vrat Vidhi

नई दिल्ली। 24 अक्टूबर 2021 को करवा चौथ मनाया जाना है। इस दिन औरतें बिना पानी और अन्न खाएं उपवास रखती हैं। अपने पति कि लंबी और सुखद जीवन के लिए भगवान से कामना करती हैं। करवा चौथ के दिन चाँद को देखने के बाद पति के हाथों से खा कर पत्नी अपना उपवास खोलती हैं। इस दिन करवा माता के साथ-साथ शिव जी और उनके परिवार कि पूजा की जाती है।
आइये जानते हैं करवा चौथ के पूजा कि सामग्री और पूजा कि विधि के बारे में।

सबसे पहले जानिए करवा चौथ की पूजन सामग्री के बारे में-
करवा चौथ के अवसर में औरतें को मिटटी का करवा, ढक्कन, गंगा जल, पानी का लोटा, अगरबत्ती, चन्दन, दीपक, रुई, रोली, फूल , कुमकुम, दही, कच्चा दूध, घी, चीनी, शहद, हल्दी, चावल, मिठाई, चीनी , चीनी का बूरा, सिन्दूर, मेहँदी, बिंदी, चूड़ी, कंघा, गौरी को बनाने के लिए पिली मिट्टी, लकड़ी का आसान, हलुआ, आठ पूरियों की अठावरी और दक्षिणा के पैसे कि जरूरत होती है।

करवा चौथ व्रत की पूजा विधि:

- करवा चौथ के दिन सुबह जल्दी उठ जाएँ। उसके बाद सास द्वारा जो सरगी के रूप में खाना मिलेगा उसे खा लें और पानी पियें। फिर निर्जला व्रत रखने का संकल्प किया जाता है। आज के दिन सूरज के निकलने से पहले ही स्नान कर लें।

- श्री कृष्णा और शिव परिवार की स्थापना एक चौकी पर कर सकते हैं। फिर गणेश जी की की पूजा करें। इन्हें पीले रंग की माला, मिठाई और केला को अर्पित कर सकते हैं।

- उसके बाद माता पार्वती और भगवान शिव जी को बेलपत्र और शृंगार की चीज़ें और भगवान श्री कृष्ण को मक्खन, मिश्री और पेड़े चढ़ाएं। इसके बाद करवा माता जी के चित्र को कहीं रख लें।

- अगरबती और दीपक को जलाएं। फिर मिटटी के कर्वा लें और उसमें स्वास्तिक के निशान को बना दें।

-शाम को करवा चौथ की पूजा के लिए मिट्टी की वेदी बनाएं और उसपर भगवानों की स्थापना करें।

- एक थाली लें और उसमें आप दीपक,धूप बत्ती, सिन्दूर, चन्दन, रोली, घी लें। फिर आप घी के दीपक को जला लें।

- चाँद के निकलने से पहले पूजा शरू कर देनी चाहिए। इसके लिए आप मिटटी के कर्वे लें और उसमें गुलाब जल, दूध, और जल मिलाएं।

-आज के दिन करवा कथा को जरूर सुने और पढ़ें।

- चाँद के निकलने के बाद छलनी के जरिये चाँद को देखें। चाँद को देखने के बाद महिला अपने पति के हाथों से पानी पी के उपवास को खोल सकती हैं।

- इसके बाद सास को थाली में फल, मिठाई,रूपए आदि दें। और उनसे आशीर्वद लें।

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