
कलेक्टर ने दिए 8 सुगर मिलों को कारण बताओ नोटिस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सरकारी चीनी मिलों का प्रयोग अब पर्यटन तीर्थ के रूप में भी किया जाएगा। शुरूआत में 18 चीनी मिलों को इसके लिए चिन्हित किया गया है। ये सारी चीनी मिलें प्रदेश के विकास में नया मापदंड स्थापति करेंगी। इस पर्यटन से छात्रों को काफी लाभ मिलेगा।
कृषि छात्रों और तकनीकी संस्थाओं के लिए खास व्यवस्था
कृषि वैज्ञानिकों और अन्य तकनीकी संस्थाओं के छात्रों ट्रेनिंग सेंटरों के अधिकारियों को इस पर्यटन का लाभ मिलेगा। इसमें छात्रों को चीनी कैसे बनती है। उसका क्या क्या उपयोग होता है। गन्ना किस प्रकार से चीनी के रूप में तब्दील होता है। यह सब चीनी मिलों के भ्रमण से प्रयोगात्मक तरीके से सीखा जा सकेगा। चीनी विभाग ने छात्रों के लिए खास व्यवस्था करने का फैसला किया है।
छात्रों के लिए एक दिन का भ्रमण आवश्यक
प्रमुख सचिव गन्ना एवं चीनी उद्योग संजय भुषरेड्डी ने बताया कि इस पर्यटन का उद्देश्य छात्रों को प्रयोगात्मक तरीके से चीनी उद्यम के बारे में जानकारी देना होगा। छात्र जीवन में जब कोई सम्बन्धित विषय पर सीखता है तो उसमें वह गुणात्मक सुधार करने की योजना बनाता है। चीनी उद्योग पर्यटन बनने से इस उद्योग में और बढ़ोत्तरी होगी।
कैसे मिलेगा चीनी पर्यटन देखने का मौका
संजय भुषरेड्डी ने बताया कि चीनी पर्यटन देखने का मौका छात्रों को उनके कालेज और शिक्षण संस्थाओं के जरिए दिया जाएगा। विभिन्न ट्रेड के छात्र छात्राओं को उनके शिक्षण संस्थाओं द्वारा पहले अनुमति लेकर समय और दिन निर्धारित करना होगा। फिर अनुमति मिलने के बाद अपने अपने मंडल के सरकारी चीनी मिल में वह छात्रों के दल को लेकर जाएंगे। सुबह से शाम तक उन्हें वहां पूरा उद्योग दिखाया जाएगा। इसमें छात्रों के भ्रमण दल को रिफ्रेशमेंट भी दिया जाएगा। चीनी पर्यटन उद्योग का यह क्रम बिना लाभ हानि के व्यय पर चलाया जाएगा।
Published on:
29 Oct 2019 04:53 pm
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