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नहीं हटाए जाएंगे 20 हजार उपनल कर्मी, मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश

Relief to employees:राज्य में करीब 20 हजार उपनल कर्मियों को शासन ने बड़ी राहत देते हुए उन्हें पद पर बने रहने के आदेश जारी किए हैं। इससे उपनल कर्मियों में खुशी का माहौल है। भविष्य में उनके नियमित होने की संभावनाएं भी बनी हुई हैं।

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लखनऊ

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Naveen Bhatt

Dec 03, 2024

Upanal workers will not be removed in departments of Uttarakhand

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उपनल कर्मियों को नहीं हटाने का आदेश जारी किया है

Relief to employees:सरकार ने विभिन्न विभागों में तैनात करीब 20 हजार उपनल कर्मियों को बड़ी राहत दी है। दरअसल, 12 नवंबर 2018 को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उपनल कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करने और उन्हें न्यूनतम वेतनमान मुहैया कराने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से दायर एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट बीती 15 अक्तूबर को निरस्त कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सरकार की ओर से रिव्यू याचिका दायर किए जाने से अब भी यह मामला न्यायिक तौर पर विचाराधीन है। इसी बीच विभिन्न विभाग उपनल कर्मियों को पद से हटाने लगे थे। इससे उपनल कर्मी परेशानी में पड़ गए थे। इसी बीच अब मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उपनल कर्मियों को नहीं हटाने के आदेश जारी कर दिया है।

हटाने शुरू कर दिए थे कर्मचारी

सुप्रीम कोर्ट मेंरिव्यू याचिका के बाद से विभागों ने उपनल कर्मियों को हटाना शुरू कर दिया था। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज, दून अस्पताल और पर्यटन विभाग ने नियमित नियुक्तियां शुरू होने को आधार बनाते हुए कर्मियों के तबादले करने शुरू कर दिए थे। इससे कर्मचारी काफी परेशान थे। लेकिन अब उनकी समस्याएं दूर हो गई हैं।

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महासंघ हो गया था मुखर

उपनल कर्मचारी महासंघ ने कुछ दिन पूर्व इस मामले को मुख्य सचिव के सामने उठाया था। महासंघ अध्यक्ष विनोद गोदियाल का कहना था कि विभाग उपनलकर्मियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्हें सेवा से हटाने को दबाव बनाया जा रहा है। महासंघ के महामंत्री विनय प्रसाद और महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष मीना रौथाण ने इसे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करार देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से सार्थक कदम उठाने का अनुरोध किया था।