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मरीज को पेट और पीठ में हो रहा था दर्द, डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन तो निकलीं 2800 पथरियां

डॉक्टरों ने मरीज के गुर्दे से 2800 पथरियां निकाली हैं।

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लखनऊ

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Akansha Singh

Jul 13, 2018

lucknow

मरीज को पेट और पीठ में हो रहा था दर्द, डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन तो निकलीं 2800 पथरियां

लखनऊ. लोहिया अस्पताल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां डॉक्टरों ने मरीज के गुर्दे से 2800 पथरियां निकाली हैं। डॉक्टरों ने दावा किया है कि उत्तर भारत में अभी तक दिल्ली के अस्पताल में गुर्दे से 856 पथरियां निकालने का रिकॉर्ड दर्ज है। डॉक्टरों ने बताया कि यूरोलॉजी विभाग में मरीज को 17 मार्च को भर्ती कराया गया था जिसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की तैयारी की थी। दाहिने गुर्दे में पथरी थी जिसे लेजर मशीन से तोड़कर निकाला गया उसी दौरान बाएं गुर्दे में भी दो बड़ी पथरी नजर आई जिसे भी लेजर से तोड़कर बाहर निकाला गया।

डॉ ईश्वर रामदयाल ने बताया कि गुर्दे में छोटे-छोटे ढेरों पथरिया नजर आईं। इसके बाद इसे सक्शन मशीन से खींच कर निकाला गया। मरीज हरदोई के शाहाबाद का है, मरीज के अनुसार पहले उसके पेट में दर्द होता था। जांच में गुर्दे में पथरी की पुष्टि हुई। खून की जांच में क्रिटिनिन का स्तर 1.72 पाया था। परिवारीजन मरीज को लेकर लोहिया संस्थान आए। यहां यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ईश्वर राम दयाल ने मरीज को ओपीडी में देखा। क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) की पुष्टि की। जांच में पता चला मरीज के गुर्दो में तीन बड़े व छोटे-छोटे कई पत्थर हैं। डॉ. ईश्वर राम दयाल ने ऑपरेशन की सलाह दी।

वार्ड बॉय से घंटे तक गिनवाई गई पथरिया

लोहिया अस्पताल में हुए गुर्दे के ऑपरेशन के दौरान सक्शन मशीन से निकाली गई ढेरों पथरियां देख डॉक्टर के भी होश उड़ गए। ऑपरेशन करने वाली टीम के सदस्यों ने वार्ड बॉय को बुलाकर पथरिया गिनने का काम दिया। करीब 1 घंटे के बाद वार्ड बॉय ने पथरियां गिनी जिसकी संख्या 2800 बताईं।

नहीं था बीपीएल कार्ड तो मुफ्त हुआ इलाज
मरीज राम प्रकाश के पास बीपीएल कार्ड नहीं था इसलिए संस्थान प्रशासन ने मरीज का मुफ्त ऑपरेशन कराने का फैसला किया। डॉ. ईश्वर के अनुसार सरकार की योजना के तहत मरीज का ऑपरेशन हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि किसी भी प्राइवेट अस्पताल में डेढ़ से दो लाख रुपये में यह ऑपरेशन होता। मरीज की तबीयत में सुधार है।

इन्होंने किया ऑपरेशन
यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ईश्वर राम दयाल, डॉ. आकाश, एनस्थीसिया विभाग के डॉ. अनुराग, डॉ. विकास शामिल थे। वहीं पैरामेडिकल स्टाफ में अवधेश शर्मा व टेक्नीकल स्टाफ प्रमोद पांडेय शामिल थे।