लखनऊ- 7वें वेतन आयोग के आधार पर राज्य वेतन समिति ने सूबे के कर्मचारियों को लेकर जो सिफारिशें की हैं, उनके अनुसार जिसका ओहदा जितना बड़ा होगा, उसे फायदा भी उतना ही अधिक होगा...
सरकार ने नई वेतन मैट्रिक्स में हर वर्ग के कर्मचारियों को खुश होने का मौका दिया है। बता दें कि सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि 8,850 रुपए की हो सकती है, जबकि सबसे कम वृद्धि 2,250 रुपए की होने की संभावना है।
आपको बता दें कि राज्य वेतन समिति की सिफारिशों पर अगर कैबिनेट की मुहर लगती है तो इसका फायदा 27 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को होगा। ये सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू होंगी।
बता दें कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने की स्थिति में प्रदेश सरकार पर इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा। राज्य सरकार पर कुल 16,825.11 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा।