लखनऊ

aaj ka panchang (6th march 2022) आज का पंचांग: आज है खास योग वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी व्रत रखने से बनेंगे सारे काम

aaj ka panchang (6th march 2022) हिन्दू धर्म में पंचांग का बहुत मान्यता है। हिन्दू धर्म में पंचांग के अनुसार ही त्योहार, व्रत सहित पूजा के अनुष्ठान किए जाते हैं। ग्रहों के अनुसार तिथियों को अपना विशेष महत्व होता है। इन महत्व के अनुसार हिन्दू धर्म में पंचांग की गणाने के बाद भी शुभ कार्य किए जाते हैं।

2 min read
Mar 06, 2022

aaj ka panchang (6th march 2022) हिंदू पंचांग यानी कि हिंदू धर्म का कैलेंडर, हिंदू पंचांग की खास विशेषताएं हैं। हिंदू समाज में इसकी मान्यता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि हिंदू समाज में होने वाले त्यौहार रीति रिवाज शादी विवाह यहां तक जन्मदिन पंचांग की तिथियों के अनुसार ही मनाया जाता है। हिंदू पंचांग काफी व्यापक है जो पूरे विश्व में तिथियों की गणना करने की क्षमता रखता है।

हिन्दू पंचांग नक्षत्रों की दशा व दिशा को ध्यान में रखते हुए तिथियों का निर्धारण करता है। पंचांग में चंद्रमा व सूर्य दोनों की स्पष्ट गति को ध्यान में रखा जाता है।‌ ग्रहों की स्थिति के आधार पर दिन व तिथियों का निर्धारण हिंदू पंचांग में किया जाता है। हिंदू धर्म में ग्रहों को देव तुल्य माना जाता है। ऐसे में उनकी स्थिति व दिशा के अनुसार तिथियों का निर्धारण किया जाता है इसी के आधार पर तिथियों को शुभ या अशुभ निर्धारित किया जाता है। हिंदू पंचांग की अपनी वैज्ञानिक मान्यता है जिसके चलते विश्व स्तर पर इसकी स्वीकार्यता भी है।

आज का पंचांग

06 मार्च 2022

सम्वत् -2078 ।
सम्वत्सर - राक्षस (आनंद)
मास - फाल्गुन।
पक्ष - शुक्ल।
दिन - रविवार।
ऋतु - शिशिर।
तिथि - चतुर्थी रात्रि - 10:05 मि. तक उपरांत पंचमी।
नक्षत्र - अश्विनी रात्रि 04:43 मि. तक उपरांत भरणी।
योग - ब्रह्म रात्रि - 01:04 मि. तक उपरांत ऐंद्र।
पंचक - नहीं है।
भद्रा - स्वर्ग की दिन - 09:52 मि. से रात्रि - 10:09 मि. तक है।
मृत्युबाण - नहीं है।
मूल - अश्विनी का रात्रि - 04:47 मि. तक है।
चंद्र राशि - मेष।
सूर्य राशि - कुंभ।
सूर्य नक्षत्र - पूर्वाभाद्रपद ।
दिशाशूल - पश्चिम में।
अभिजित मुहूर्त - नहीं है।
राहुकाल - सायं - 04:30 मि. से 06:00 मि. तक
सूर्योदय - 06:12 मि.।
सूर्यास्त - 05:48 मि.।
व्रत - वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी।
पर्व - कुछ नहीं।

आज विशेष
वैनायिकी श्री गणेश चतुर्थी व्रत,सर्वार्थ सिद्धि योग रात्रि - 04:47 मि. तक,भद्रा स्वर्ग की दिन - 09:52 मि. से रात्रि - 10:09 मि. तक।

कल विशेष
यायि (मुद्दई) जयद् योग रात्रि - 11:11 मि. तक

Updated on:
06 Mar 2022 08:02 am
Published on:
06 Mar 2022 07:58 am
Also Read
View All

अगली खबर