
Gauri Yadav
चित्रकूट.(पत्रिका न्यूज नेटवर्क). यूपी-एमपी की सीमा पर बसा बुंदेलखंड का चित्रकूट Chitrakoot जिला पिछले पांच दशकों से दुर्दांत डकैतों के आंतक का गढ़ रहा है। कभी यहां ददुआ, Dacoit Dadua ठोकिया Dacoit Thokia का आतंक था। अब पाठा के जंगलों में साढ़े पांच लाख के कुख्यात इनामी बदमाश गौरी यादव गैंग Dacoit Gauri Yadav के नाम पर ग्रामीण कांपते हैं। गौरी की वजह से हर साल चित्रकूट आने वाले लाखों पर्यटक पाठा के बीहड़ में स्थित शबरी प्रपात, राघव प्रपात और धारकुंडी आश्रम आदि प्रमुख दर्शनीय स्थलों तक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट का डकैतों की वजह से अब तक समुचित विकास नहीं हो पाया है।
गौरी यादव बहुत खूंखार
गौरी यादव पर पहले डेढ़ लाख का इनाम था। अब गौरी यादव उर्फ उदयभान यादव पुत्र स्वर्गीय बाबूलाल जिले के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के बेलहरी का निवासी है। इस पर यूपी पुलिस ने पांच लाख और एमपी पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा है। यूपी और एमपी में हत्या, अपहरण, फिरौती मांगने, सरकारी काम में बाधा डालने के लगभग 60 मामले दर्ज हैं।
दरोगा की कर दी हत्या
डाकू गौरी यादव ने डकैत गोप्पा के साथ 2001 में अपराध की दुनिया कदम रखा था। साल २००५ में इसने अपनी गैंग बनायी। 2008 में हुई मुठभेड़ में एसटीएफ ने इसे पकड़कर जेल भेजा। 2 साल बाद जेल से छूटने के बाद गौरी यादव फिर से लूटपाट करने लगा। 16 मई साल 2013 को दिल्ली पुलिस जब बेलहरी गांव में दबिश देने गई थी तब गौरी यादव ने दरोगा की गोली मारकर हत्या कर दी थी और उसकी रिवॉल्वर लूट ली थी। 2016 में बेलहरी गांव के तीन ग्रामीणों को बिजली के खंभे में बांधकर गोली मार दी थी। 2017 में इसने कुलहुआ के जंगल में एक ही गांव के 3 लोगों को जिंदा जला दिया था। गौरी यादव ने अपने आतंक के बल पर 2016 में अपनी मां को गांव का प्रधान भी बनाया था। गौरी अब सरकारी कामकाज में कमीशन ना मिलने पर ठेकेदारों और मजदूरों से मारपीट करता है।
अब तक मारे गये दुर्दांत डकैत
चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में दुर्दांत डकैत शिवकुमार पटेल उर्फ दुदुआ, डॉ. अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया, स्वदेश पटेल उर्फ बलखडिय़ा, सुंदर पटेल उर्फ रागिया और बबली कोल अब मारे जा चुके हैं। लेकिन, एक डकैत के खत्म होने के बाद दूसरी पैदा हो जाता है।
खूबसूरत प्राकृतिक स्थलों में डेरा
चित्रकूट के बीहड़ में झलमल, बेधक, हनुमान चैक, बरदहाई नदी, टिकरिया, डोडामाफी के जंगल डकैतों की आश्रयस्थली हैं। यहां पानी की किल्लत कभी नहीं होती। इसी बीहड़ में दस्यु ददुआ, ठोकिया, रागिया, बलखडिया और बबली कोल आदि सक्रिय थे। अब इन खूबसूरज स्थलों पर गौरी यादव गैंग का राज है।
दस्यु विहीन के लिए सरकार संकल्पित
यूपी सरकार के लोक निर्माण राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय कहते हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के विकास के लिए प्रयासरत हैं।
गौरी यादव का जल्द होगा खात्मा
चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल कहते हैं गौरी यादव गैंग के सफाये के लिए अभियान चल रहा है। जल्द ही गैंग का खात्मा होगा।
आसमान से हो रही डकैत की निगरानी
डकैत गौरी को घेरेने के लिए जंगल में सर्चिंग और मददगारों को घेरने के साथ ही अब आसमान से भी गिरोह की तलाश की जा रही है। अब इनको उच्च क्षमता के दो ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं। इनके जरिए जंगल के मुश्किल इलाकों में भी निगरानी की जा सकती है। कभी पुलिस ने अपने फायदे के लिए गौरी को पाला पोसा था। आज यही डकैत चित्रकूट पुलिस के लिए सिरदर्द बना है।
Published on:
18 Sept 2021 03:34 pm

बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
