
Chief Minister Yogi Adityanath
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ ( Lucknow ) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और नोएडा के बाद अब यूपी सरकार ने वाराणसी (Varanasi ) और कानपुर ( Kanpur ) में भी पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम ( police commissionerate ) लागू किए जाने के प्रस्ताव काे पास कर दिया है। बड़े शहरों में बढ़ते अपराध ग्राफ और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए कमिश्नरेट सिस्टम लाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। अब सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव काे पास कर दिया गया.
वाराणसी और कानपुर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम के प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है. उत्तर प्रदेश के साथ-साथ नोएडा में पहले पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को प्रयोग के ताैर पर लागू किया गया था। इस प्रयोग के सफल होने के बाद अब इस सिस्टम को दूसरे बड़े शहरों में भी लागू किया जा रहा है
दरअसल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद इस सिस्टम को दूसरे बड़े शहरों में लागू किए जाने की मांग उठ रही थी। इसकी एक बड़ी बजा यह थी कि इस सिस्टम के लागू हाेने के बाद जनता काे भी लाभ हाेता है। सामान्य तौर पर किसी भी एक बड़े जिले में छह से सात आईपीएस होते हैं लेकिन जहां पर यह कमिश्नरेट सिस्टम लागू हो जाता है वहां 15 से 20 आईपीएस ऑफिसर बैठने लगते हैै। इससे जनता के पास विकल्प बढ़ जाते हैं। इसका एक लाभ यह भी है कि पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद पुलिस अफसरों को जिला अधिकारी और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के अधिकार भी प्राप्त हो जाते हैं ऐसे में वह स्वतंत्र होकर फैसला लेने में सक्षम हो जाते हैं।
नया सिस्टम लागू होने के बाद दोनों जिलों में होंगे यह बड़े फायदे
पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद वाराणसी और कानपुर में पुलिस के अधिकार काफी हद तक बढ़ जाएंगे। अफसर कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों पर भी स्वतंत्र होकर निर्णय ले सकेंगे। अभी तक जिलाधिकारी के पास कई फाइलें अटकी रहती हैं लेकिन अब ऐसे मामलों में तुरंत और स्वतंत्र होकर निर्णय लिया जा सकेगा और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में अब प्रशासनिक अफसराें की अनुमति का भी इंतजार नहीं करना हाेगा। जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था के तहत जो पावर एसडीएम और एडीएम को दी जाती हैं वे सभी एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट पावर पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम होने के बाद पुलिस अफसरों के पास आ जाएंगी। इससे पुलिस लोगों को शांति भंग करने की आशंका में निरुद्ध कर सकेगी इसके साथ-साथ गुंडा एक्ट गैंगस्टर एक्ट और रासुका की कार्यवाही भी केवल पुलिस अधिकारियों के स्तर से ही पूर्ण हो सकेगी।
पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद ये होंगे पद
सबसे महत्वपूर्ण पद पुलिस आयुक्त या पुलिस कमिश्नर का होगा इन्हे सीपी कहा जाएगा
इनके बाद डिप्टी कमिश्नर होंगे जिनको डीसीपी कहा जाएगा
इसके बाद सहायक आयुक्त होंगे जिनको एसीपी कहा जाएगा
इनके बाद पुलिस इंस्पेक्टर होंगे जिन्हें पीआई कहा जाएगा
इनके बाद सब इंस्पेक्टर होंगे जिन्हें एसआई कहा जाएगा
Updated on:
25 Mar 2021 10:34 pm
Published on:
25 Mar 2021 10:26 pm

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