
Mulayam Singh
लखनऊ। मुलायम के भाई शिवपाल सिंह द्वारा मोर्चा गठिम किए जाने के 24 घंटे के अंदर समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव गुरुवार को अचानक सपा कार्यालय पहुंच गए। वे सपा दफ्तर लम्बे समय के अंतराल के बाद गए। उनके इस कदम को सियासी तौर पर तरह तरह के मायने निकाले जा रहे हैं।
कभी नेता तो कभी पिता के रोल में मुलायम
मुलामय सिंह यादव लम्बे समय से सपा अध्यक्ष अपने बेटे अखिलेश यादव पर तीखे व्यंग्य बाण मार रहे थे। यह सिलसिला बीते तीन सालों से चल रहा है। जब सपा सरकार थी तो मुलायम कहते थे कि पत्थर लगाने से सरकार नहीं आएगी। काम करो काम। पत्थर लगाया है तो यह भी बताओ कि इस पत्थर के ऊपर लिखी योजना का काम कब पूरा होगा। आखिर कार अखिलेश को बोलना पड़ गया कि नेताजी कब पार्टी के नेता के रूप में मुझे डाटते हैं और कब पिता के रूप में।
शिवपाल से झगड़ा हुआ अखिलेश का
अखिलेश यादव और सपा के तत्कालीन राष्ट्रीय महासिच शिवपाल सिंह यादव के बीच विधानसभा चुनाव के पहले तकरार इतनी ज्यादा बढ़ गई कि खुले मंच पर विवाद दिखने लगा। मुलायम सिंह यादव भी अपने बेटे पर नाराजगी जाहिर करते रहे। वे शिवपाल और अमर सिंह के साथ होने की बात कहते थे और प्रोफेसर राम गोपाल यादव के खिलाफ बोलते थे। लेकिन पार्टी कार्यालय में जब एक कार्यक्रम के दौरान शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच माईक छीना झपटी और धक्कामुक्की का मामला जग जाहिर हुआ।
सपा में उपेक्षा से नाराज थे शिवपाल
शिवपाल सिंह यादव पार्टी में अपनी उपेक्षा से काफी खफा थे। वे बोले कि उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी, कार्य समिति जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की सूचना नहीं दी जाती।केवल हम ही नहीं, बड़ी संख्या में सपा के पुराने ऐसे कार्यकर्ता हैं जो उपेक्षा के शिकार हैं। शिवपाल सिंह ने बताया कि वे मोर्चा मुलायम सिंह यादव को लेकर बनाया जा रहा है। इसमें सबका स्वागत है। शिवपाल सिंह यादव के मोर्चा बनाने के बाद मुलायम सिंह यादव आज पार्टी कार्यालय में जा कर बैठ गए तो यह चर्चा का मुद्दा बन गया।
Published on:
30 Aug 2018 05:15 pm
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