सीएम योगी के चार साल में एयर कनेक्टिविटी को मिली नई उड़ान

- 30 वर्ष से लंबित पड़े जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम रन-वे पर
- कुशीनगर को भी मिला इंटरनेशनल फ्लाइट का लाइसेंस
- इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का उदाहरण है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट

By: Neeraj Patel

Published: 19 Mar 2021, 12:39 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को चार साल पूरे हो गए है और इन चार सालों में प्रदेश के सामने जो चुनौतियां आईं हैं, उनका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उन चुनौतियां से सामना करने की प्रेरणा मिली है। सीएम योगी ने चार साल में तमाम चुनौतियों को अवसर में बदलने की कोशिश की और बदला भी है। यूपी की योगी सरकार ने चाल साल में योगी आदित्यनाथ सरकार ग्राउंड व वॉटर के साथ एयर कनेक्टिविटी पर बड़ा काम किया है। चार साल में ही योगी सरकार ने 30 वर्ष से लंबित पड़े जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के काम को रन-वे पर ला दिया है।

मुख्यमंत्री योगी की मौजूदगी में शीर्ष अधिकारियों ने सीएम के सरकारी आवास पर जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश के साथ देश के हित में हमने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। यह काम बीते 30 वर्ष से लंबित पड़ा था। जेवर एयरपोर्ट का काम तेजी से हो रहा है। इसकी प्रगति को लेकर योगी सरकार समय-समय पर बैठक भी करती हैं। विशाल प्रदेश में इस समय दो अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन हो रहा है।

योगी सरकार के चार साल में लखनऊ तथा वाराणसी के बाद अब कुशीनगर को भी इंटरनेशनल फ्लाइट का लाइसेंस मिल गया है। इसके साथ जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इसका निर्माण बीते 30 वर्ष से लंबित था। इसका निर्माण कार्य शुरू कराकर हमने मील का पत्थर हासिल किया है। हमने कैबिनेट की बैठक में जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास का अनुमोदन प्रदान किया था। इसे पीपीपी मोड में आगे बढ़ाने की सहमति भी प्रदान की गई थी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का उदाहरण है। यह कार्य पिछले 30 वर्षों से लंबित पड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण जैसे बड़ी महामारी के बावजूद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की प्रगति संतोषजनक है।

पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बड़ा केंद्र होगा उत्तर प्रदेश

योगी सराकर ने चाल साल में जिस प्रतिबद्धता के साथ अपने कार्यों को आगे बढ़ाया है वह प्रदेश में नई कार्य संस्कृति प्रदर्शीत करता है। कुशीनगर में भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है। ईस्टर्न यूपी में हमारे पास वाराणसी व कुशीनगर, 02 इंटरनेशनल एयरपोर्ट होंगे। पश्चिम में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा हैं। 08 मार्च, 2021 से बरेली को भी एयर कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा जा रहा हैं। प्रदेश में वर्तमान में वाराणसी व लखनऊ में इंटरनेशनल फ्लाइट की सुविधा मौजूद है। एयरपोर्ट कनेक्टिविटी प्रदेश में तेजी से बढ़ी है। मार्च, 2017 तक में हमारे पास सिर्फ वाराणसी और लखनऊ में ही एयरपोर्ट फंक्शनल थे। इसके बाद आज आगरा, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, आगरा व हिंडन के भी एयरपोर्ट फंक्शनल हैं। अयोध्या में भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा हैं। उत्तर प्रदेश पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बड़ा केंद्र होगा।

देश में सबसे अधिक एयरपोर्ट वाला प्रदेश बनने जा रहा यूपी

मुख्यमंत्री योगी के चाल वर्ष में ही यूपी देश में सबसे अधिक एयरपोर्ट वाला प्रदेश बनने जा रहा है। लखनऊ व वाराणसी के बाद कुशीनगर तीसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हो गया है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) का लाइसेंस मिल गया है। इसके साथ अयोध्या एयरपोर्ट को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। प्रदेश में दस एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज और हिंडन एयरपोर्ट से हवाई सेवाएं संचालित हो रही हैं। बरेली हवाई अड्डे से भी आठ मार्च से हवाई सेवाओं की शुरुआत कर दी जाएगी। दस अन्य शहरों में एयरपोर्ट के विकास का काम तेजी से चल रहा है।

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