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UP News: 1 जुलाई से शुरू होगा ‘स्कूल चलो अभियान’ का दूसरा चरण, हर बच्चे को स्कूल भेजेगी योगी सरकार

UP News: उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इस अभियान का मकसद स्कूल जाने की उम्र वाले हर बच्चे का नामांकन सुनिश्चित करना है।
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लखनऊ

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Mohsina Bano

Jun 15, 2026

CM Yogi Adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटो- पत्रिका)

School Chalo Abhiyan: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के लिए 1 जुलाई से स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण शुरू करने जा रही है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य स्कूल जाने की उम्र वाले प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

प्रधानाध्यापकों को मिली जिम्मेदारी

स्कूल चलो अभियान के तहत कक्षा 5 से 6, 8 से 9 और 10 से 11 में सभी स्टूडेंट्स के एडमिशन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को सौंपी गई है। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

लंबित भुगतान और कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश

अपर मुख्य सचिव ने राजकीय शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ तय समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा है। इसके अलावा समग्र शिक्षा और पीएम श्री योजना के तहत रुके हुए सभी भुगतान 30 जून तक निपटाने और निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में मौजूद प्रयोगशालाओं के उपकरणों का भौतिक सत्यापन कर सभी लैब को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। प्रोजेक्ट अलंकार, नए मिनी स्टेडियम और 44 इंडोर मिनी स्टेडियम से जुड़े कार्यों की रफ्तार भी तेज करने को कहा गया है।

जर्जर भवनों के उपयोग पर लगेगी पाबंदी

आगामी बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए गए हैं। सभी जर्जर और खस्ताहाल स्कूल भवनों पर लाल निशान लगाकर उन्हें अनुपयोगी घोषित करने और उनके इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह के हादसे से बचा जा सके। शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार स्कूलों में नियमित पठन-पाठन, मूल्यांकन और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अनुपस्थित बच्चों के अभिभावकों से होगा संपर्क

स्कूलों में लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से शिक्षक सीधे संपर्क करेंगे। साथ ही ड्रीम लैब परियोजना प्रोजेक्ट प्रवीण और बीएड विद्यार्थियों की इंटर्नशिप की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक को हर महीने सभी प्रधानाचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक कर पठन-पाठन उपस्थिति और व्यावसायिक शिक्षा की कड़ी समीक्षा करने को कहा गया है।