
लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पर धूमधाम से खजांची का जन्मदिन मनाया गया। अखिलेश यादव ने खजांची को एक साइकिल उपहार में दी और उसे मिठाई व चॉकलेट भी खिलाई।
यह वही खजांची है जिसका जन्म उस समय हुआ था जब उसकी मां नोटबंदी के दौरान बैंकों के सामने लंबी लाइन में खड़ी थी। समाजवादी पार्टी ने उसे "खजांची" नाम दिया था और यह नाम प्रतीक बन गया है नोटबंदी के खिलाफ पार्टी के विरोध का। हर साल सपा इस दिन को नोटबंदी की असफलता के प्रतीक के रूप में मनाती है और इस दिन को खजांची के जन्मदिन के रूप में याद किया जाता है।
आयोजन के दौरान सपा कार्यालय को लाल और हरे रंग के गुब्बारों से सजाया गया। खजांची की आठवीं सालगिरह के मौके पर अखिलेश यादव ने न केवल उसे जन्मदिन की बधाई दी बल्कि पार्टी कार्यालय में इस बच्चे को साइकिल भी गिफ्ट दी। इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे खजांची बड़ा हो रहा है वैसे-वैसे यह साफ हो रहा है कि नोटबंदी की असफलता का असर अब हर किसी पर दिखाई दे रहा है।
अखिलेश यादव ने नोटबंदी को लेकर BJP की नीतियों पर कड़ा व्यंग्य करते हुए कहा कि यह कदम भ्रष्टाचार का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नोटबंदी के दौरान जो लक्ष्य तय किए थे उनमें से कोई भी पूरा नहीं हो पाया। नोटबंदी केवल एक दिखावा बनकर रह गई जिसका आम जनता को कोई लाभ नहीं हुआ। इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी केवल एक आर्थिक गलती नहीं थी बल्कि यह सरकार की नाकामी और असफलता का प्रतीक बन गई है जिसे हर कोई देख सकता है।
सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि नोटबंदी ने देश के विभिन्न वर्गों को गंभीर रूप से प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि इसके कारण किसान, मजदूर, नौकरीपेशा, छोटे व्यापारी, और गरीब लोग सभी परेशान हुए। हर वर्ग पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा। इसके अलावा बीजेपी सरकार द्वारा बाद में लागू किए गए जीएसटी जैसे फैसले भी व्यापारियों के लिए मुश्किलें लेकर आए।
Updated on:
9 Nov 2024, 3:53 PM IST
Published on:
9 Nov 2024, 3:27 PM IST
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