सीटों के बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के भाई और पार्टी के यूपी अध्यक्ष शिवपाल यादव के बीच तनातनी किसी से छिपी नहीं है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव को नजरअंदाज करते हुए अपनी तरफ से 403 उम्मीदवारों की लिस्ट सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को सौंप दी थी। हालांकि जब मुलायम ने उम्मीदावारों का ऐलान किया तो साफ हो गया कि बाजी चाचा मार गए, यानी टिकट देने में दबदबा शिवपाल यादव का ही रहा। हालांकि मुलायम के इस कदम के बाद अखिलेश समर्थक विधायकों ने देर रात उनके आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। इनमें कैबिनेट मंत्री रामगोबिंद चौधरी, मंत्री अरबिंद सिंह गोप व पवन पांडेय सहित कई विधायक मौजूद थे। सपा सूत्रों के मुताबिक अखिलेश ने इन सबको किसी तरह से शांत कराया और कहा कि वह नेताजी से बात करेंगे कि जिन्होंने अच्छा काम किया है उन्हें टिकट दिया जाए।