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एक्शन मोड में अखिलेश, सपा के खिलाफ मैदान में उतार सकते हैं अपने उम्मीदवार!

टिकट के बंटवारे में अपने खास समर्थकों की अनदेखी से अखिलेश किसी भी हद तक जा सकते हैं। 

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Nitin Srivastva

Dec 29, 2016

akhilesh

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लखनऊ. मुलायम सिंह यादव ने यूपी चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के 325 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव द्वारा पूर्व में जारी 176 और अभी मुलायम द्वारा जारी 149 उम्मीदवारों के नाम है। इस सूची में अखिलेश के खास नेताओं के टिकट या तो काट दिये गए हैं या उनकी सीट में परिवर्तन कर दिया गया है। बुधवार को सपा सुप्रीमो ने उम्मीदवारों की जो लिस्ट जारी की उसके मुताबिक चाचा शिवपाल भतीजे अखिलेश पर भारी पड़ते दिखाई दे रहे हैं। टिकट बंटवारे और पार्टी के फैसलों में लगातार अनदेखी से आहत सीएम अखिलेश यादव एक्‍शन के मोड में आ गए हैं। माना जा रहा है वे कोइ बड़ा फैसला ले सकते हैं। सूत्रों से ऐसे ऐसे संकेत मिल रहेे हैं कि टिकट के बंटवारे में अपने खास समर्थकों की अनदेखी के बाद अब अखिलेश यादव किसी भी हद तक जा सकते हैं। दरअसल टिकट बंटवारे के बाद जो स्थिति बनती दिखाई दे रही है उससे ये कहा जा सकता है अखिलेश किसी भी कीमत पर पीछे हटने के मूड में नहीं दिखाई दे रहे हैं।

अखिलेश के साथ पार्टी के नेता
सूत्रों के मुताबिक अखिलेश के सामने एक विकल्‍प समानांतर प्रत्‍याशी उतारने का है। सपा विधायक दल का बहुमत अखिलेेश यादव के साथ है। लोकसभा और राज्‍यसभा के सपा सांसदों में ज्‍यादातर उनके समर्थक हैं। सपा के कई नेता चाहते हैं कि अखिलेश यादव आगे आएं और अपने प्रत्‍याशियों का एलान करें। इसके लिए जो भी तरीका हो सकता है, उसेे अपनाया जाए। इसके लिए सीएम अखिलेश ने अपने समर्थक विधायकों की बैठक बुलाई है।

नाराज अखिलेश का पलटवार
आपको बता दें कि जब सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने टिकटों की लिस्ट जारी की उसके बाद झांसी और महोबा के दौरे से बुधवार को लखनऊ लौटते ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सख्त तेवर अपना लिए। उन्होंने पटलवार करते हुए आवास विकास परिषद की उपाध्यक्ष व शिवपाल यादव की करीबी सुरभि शुक्ला को उनके पद से हटा दिया। इसके कुछ ही देर बाद उनके पति डॉ. संदीप शुक्ला को भी हटा दिया गया। डॉ. शुक्ला उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के सलाहकार पद पर तैनात थे। उन्हें बुधवार को जारी सूची में सुलतानपुर के सदर विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया था। दोनों को पीडब्ल्यूडी व सिंचाई मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव का करीबी माना जाता है। इसे मुख्यमंत्री द्वारा समर्थकों को टिकट न मिलने के चलते पलटवार माना जा रहा है।

क्या करेंगे अखिलेश
सीटों के बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के भाई और पार्टी के यूपी अध्यक्ष शिवपाल यादव के बीच तनातनी किसी से छिपी नहीं है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव को नजरअंदाज करते हुए अपनी तरफ से 403 उम्मीदवारों की लिस्ट सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को सौंप दी थी। हालांकि जब मुलायम ने उम्मीदावारों का ऐलान किया तो साफ हो गया कि बाजी चाचा मार गए, यानी टिकट देने में दबदबा शिवपाल यादव का ही रहा। हालांकि मुलायम के इस कदम के बाद अखिलेश समर्थक विधायकों ने देर रात उनके आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। इनमें कैबिनेट मंत्री रामगोबिंद चौधरी, मंत्री अरबिंद सिंह गोप व पवन पांडेय सहित कई विधायक मौजूद थे। सपा सूत्रों के मुताबिक अखिलेश ने इन सबको किसी तरह से शांत कराया और कहा कि वह नेताजी से बात करेंगे कि जिन्होंने अच्छा काम किया है उन्हें टिकट दिया जाए।



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