
Akhilesh Yadav mayawati
लखनऊ. समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन व सीटों को लेकर अभी औपचारिक ऐलान होना बाकी है, लेकिन उत्साहित कार्यकर्ता दोनों पार्टियों के सुप्रीमो अखिलेश यादव व मायावती को एक साथ देखे बगैर रह नहीं पा रहे हैं। बुधवार को इसकी शुरुआत एक पोस्टर से हुई जिसमें पहली बार दोनों पार्टी अध्यक्षों को एक साथ दर्शाया गया। यह पोस्टर लखनऊ में सामाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर लगे दिखें जो चर्चा का विषय बन गया है। छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपू श्रीवास्तव नाम के एक कार्यकर्ता ने यह पोस्टर लगाए हैं।
पोस्टर में यह दिख रहा है-
सपा ऑफिस के बाहर लगे इन पोस्टर्स के जरिए जहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती की एकता दिखाई गई है, वहीं अखिलेश यादव पर खनन मामले में लग रहे आरोपों को लेकर यूपी सरकार पर तंज भी कसा गया है। पोस्टर में अखिलेश और मायावती की वो तस्वीर लगाई गई है जब दोनों पहली बार एक साथ दिखाई दिए थे। कर्नाटक में सरकार के शपथग्रहण समारोह के दौरान पूरा विपक्ष एक मंच पर था। अखिलेश और मायावती भी उस मंच पर साथ दिखाई दिए थे, हालांकि उसके बाद कभी भी दोनों एक साथ किसी भी सार्वजनिक मंच पर दिखाई नहीं दिए।
अखिलेश का बयान पोस्टर-
इस पोस्टर पर अखिलेश यादव का वो बयान भी लिखा है, जो तीन दिन पहले सामाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी दफ्तर में दिया था। पोस्टर पर लिखा है 'हमारे पास गठबंधन है और बीजेपी के पास सीबीआई'। साथ ही लिखा है कि 'सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं'। आपको बता दें कि साल 2012 से 2013 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास खनन विभाग भी था। इस लिहाज से कहा गया कि सीबीआई अखिलेश यादव से भी पूछताछ कर सकती है।
Published on:
09 Jan 2019 10:19 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
