7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अखिलेश यादव ने सपा कार्यालय में मनाया रक्षाबंधन, फिर भाजपा पर कुछ यूं बोला हमला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के लोग जनता के दिमाग से खेल रहे हैं।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Abhishek Gupta

Aug 25, 2018

Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के लोग जनता के दिमाग से खेल रहे हैं। वे दिमागों में नकारात्मक विचार पहुंचा रहे हैं। चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जनता में निराशा है। किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ। नौजवान भटक रहे हैं। भाजपा का गुमराह करने का तरीका भी बदल रहा है। यह बात समझना जरूरी है कि भाजपा फिर भ्रम पैदा न कर सके।

अखिलेश को इन्होंने बांधी राखी-

शनिवर को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को राजस्थान से आई वंदना यादव जिला परिषद सदस्य जयपुर, तथा जया यादव, अखिल भारतीय जन कल्याण संस्थान की अध्यक्षा गुजराती ने राखी बांधी। उनके पति अमल किशोर यादव, नाथू लाल यादव एवं दैनिक सांध्य ज्योति दर्पण के पत्रकार महेंद्र कुमार यादव भी साथ में थे। इस दौरान अखिलेश ने सपा मुख्यालय में एकत्र कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा भाजपा सरकार जातिवाद का जह़र घोल रही है। महिला उत्पीड़न के मामलों में बढ़त चिंता का विशय है। बच्चियां तक सुरक्षित नहीं है।

सामाजिक न्याय की लड़ाई बड़ी है-

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब व्यक्ति शिक्षित और सम्पन्न होगा तो लोग अपना शौचालय स्वयं बना लेंगे। समाजवादी सरकार में लोहिया आवास के लिए 3.5 लाख रूपए दिए गए थे। समाजवादी चाहते हैं कि जनगणना जाति आधारित हो, तो आबादी के हिसाब से योजनाओं का लाभकारी आवंटन हो सकता है। सामाजिक न्याय की लड़ाई बड़ी है और समाजवादी ही इस लड़ाई को लड़ सकते हैं।

सबकी उम्मीद 2019 के लोकसभा चुनाव से बंधी है-

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने जनता को नाउम्मीद कर दिया है। उसका सुखचैन बढ़ते अपराधों ने छीन लिया है। मंहगाई, बेकारी से सभी संत्रस्त हैं। लोगों को अब अच्छे दिन आने की कतई उम्मीद नहीं रह गई है। भाजपा के झूठे वादों की सच्चाई लोग जान गए हैं। अब सबकी उम्मीद 2019 के लोकसभा चुनाव से ही बंधी है।