
गबन के एक मामले में लोकायुक्त में हुई शिकायत का निस्तारण के दौरान गबन के वास्तविक आरोपियों को बचाने के चक्कर में रायसिंहनगर विकास अधिकारी द्वारा उच्चाधिकारियों को भ्रमित करने का मामला सामने आया है। मामला स्वच्छ भारत मिशन के तहत पहले से ही जांचों का सामना कर रही ग्राम पंचायत गंगूवाला से जुड़ा हुआ है। जानकारी अनुसार ग्रामपंचायत गंगूवाला में स्वीकृत मनरेगा कार्य में नियोजित एक श्रमिक की राशि पंचायत समिति में कार्यरत महिला संविदा कर्मचारी के किसी रिश्तेदार के खाते में जारी कर दी गई थी।
लोकायुक्त को संबंधित श्रमिक द्वारा शिकायत किए जाने पर विकास अधिकारी परमपालसिंह ने पंचायत प्रसार अधिकारी सुनीलकुमार बिश्नोई को जांच को आदेश दिए। जांच के दौरान जांच अधिकारी ने सरपंच व सचिव द्वारा प्रस्तुत की गई भुगतान सुचियों में दर्ज खाते के आधार पर भुगतान के लिए उत्तरदायी जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों व अधिकारियों के बचाव के लिए गलत भुगतान का ठीकरा अंतिम स्तर पर एफटीओ जनरेट करने वाली महिला संविदा कर्मचारी के सिर फोड़ते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीगंगानगर को भ्रम में रखकर अनुबंध समाप्ति के आदेश जारी करवा दिए।
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Published on:
5 Apr 2017, 11:26 AM IST
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