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UPI पेमेंट करते समय भूल कर भी न करें ये ग़लतियाँ, वरना खाली हो जाएगा एकाउंट

आजकल ठेले पर की चाय का भुगतान भी डिजिटल तरीके से हो रहा है। हर किसी के पास स्मार्टफोन है उस फोन में कोई न कोई डिजिटल पेमेंट ऐप मौजूद होता है। चाहे वो फोन पे हो, गूगल पे हो या फिर पेटीएम। मगर क्या आप जानते हैं कि आपको ये सब जितना आसान लगता है उतना ही खतरनाक और असुरक्षित भी है।

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Digital Payment

प्रधानमन्त्री मोदी ने 2015 में डिजिटल इंडिया अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान की गति शुरुआत में तो भले धीमी रही मगर उसके बाद ऐसा जोर पकड़ा कि आज की तारीख में शायद ही ऐसा कोई होगा जो लेने देने के लिए डिजिटल प्लेटफार्म न प्रयोग करता हो। यहां तक कि आजकल ठेले पर की चाय का भुगतान भी डिजिटल तरीके से हो रहा है। हर किसी के पास स्मार्टफोन है उस फोन में कोई न कोई डिजिटल पेमेंट ऐप मौजूद होता है। चाहे वो फोन पे हो, गूगल पे हो या फिर पेटीएम। मगर क्या आप जानते हैं कि आपको ये सब जितना आसान लगता है उतना ही खतरनाक और असुरक्षित भी है। दरअसल यूपीआई पेमेंट के अगर फायदे बहुत हैं तो उसके कुछ नुकसान भी हैं। जी हाँ आपकी जरा सी भी लापरवाही आपका एकाउंट खाली करवा सकती है। मगर हम कुछ सतर्कता बरतें तो इस जोखिम से बच सकते हैं।

तो आज हम आपको कुछ ऐसी ही महत्वपूर्ण बातों की जानकारी देंगे कि जिससे आप का एकाउंट भी सुरक्षित रहेगा और आपका लेनदेन भी आसान हो जाएगा। जो बातें हम आपको बताने जा रहे हैं वो आप हमेशा अपने दिमाग में बसा लें और जरा भी लापरवाही न करें…

यहां पांच सेफ्टी टिप्स हैं, जिन्हें आपको UPI पेमेंट करते समय हमेशा ध्यान में रखना है…

1. भूल से भी UPI एड्रेस शेयर न करें

भूल कर भी कभी आप किसी के साथ अपना UPI एड्रेस शेयर मत कीजिए। अक्सर लोग ये ग़लती कर देते हैं मगर जब एकाउंट से पैसे उड़ जाते हैं तब सिर पर हाथ रख कर पछताते हैं। इसलिए आपसे गुज़ारिश है कि ये ग़लती तो भूल कर भी मत कीजिएगा। आपका यूपीआई एड्रेस आपके फोन नंबर, क्यूआर कोड या वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) के बीच कुछ भी हो सकता है। आपको किसी भी भुगतान या बैंक एप्लिकेशन के माध्यम से किसी को भी अपने यूपीआई अकाउंट तक पहुंचने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

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2. स्क्रीन लॉक में STRONG पासवर्ड डालकर रखें

अगर आपके स्मार्ट फोन में UPI ऐप है तो आप अपने फोन का पासवर्ड बेहद स्ट्रॉन्ग रखिये। अक्सर लोग अपने फोन में UPI के ज़रिये डिजिटल पेमेंट करते हैं मगर उसका पासवर्ड बेहद सिंपल या कभी-कभी तो बस पैटर्न लॉक डाल देते हैं। मगर आप भूलकर भी ऐसा मत करिएगा। आपको अपना पिन किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए और यदि आपको संदेह है कि आपका पिन उजागर हो गया है, तो इसे तुरंत बदल दें।

3. किसी भी अननोन नंबर से आये हुए लिंक पर क्लिक न करें और न ही फेक कॉल उठाएं

सबसे ज्यादा गलती लोग यही करते हैं। दरअसल आजकल साइबर ठग अक्सर लोगों के पास मैसेज के द्वारा ऐसे लिंक भेज देते हैं जिस क्लिक करते ही आपका एकाउंट खाली हो जाता है। मगर आप बिलकुल भी ऐसा न करें। अगर आपके पास ऐसा कोई मैसेज आता है तो उसे तुरंत डिलीट कर दें। दरअसल हैकर्स आमतौर पर लिंक शेयर करते हैं या कॉल करते हैं और उपयोगकर्ताओं को वेरिफिकेशन के लिए एक थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। आपको कभी भी ऐसे लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और न ही पिन या किसी अन्य जानकारी को किसी के साथ शेयर करना चाहिए।

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4. अपने स्मार्ट फोन में ज्यादा ऐप न डाउनलोड करें

अगर आप अपने फोन के ज़रिये डिजिटल लेनदेन ज्यादा करते हैं तो आप अपने फोन में कोई भी असुरक्षित ऐप भूलकर भी डाउनलोड न करें और न ही ज्यादा ऐप रखें। कई डिजिटल भुगतान ऐप हैं जो यूपीआई लेनदेन की अनुमति देते हैं, इसलिए, आपको यह देखना होगा कि कौन सा ऐप कैशबैक और पुरस्कार जैसे बेहतर लाभ प्रदान करता है, और उसी के अनुसार अपनी पसंद बनाएं।

5. UPI ऐप को हमेशा अपडेट करते रहें

आखिरी मगर सबसे अहम ये है कि आप अपने UPI ऐप को हमेशा अपडेट करते रहें। क्योंकि नए अपडेट बेहतर UI और नई सुविधाएं और लाभ लाते हैं। अपडेट अक्सर बग फिक्स भी लाते हैं। ऐप्स को लेटेस्ट वर्जन में अपग्रेड करने से आपका अकाउंट भी सेफ रहता है और सुरक्षा उल्लंघनों की संभावना कम होती है।