
इलाहाबाद नहीं अब 'प्रयागराज' कहिए, जानें इतिहास में कैसे पड़ा था इसका नाम
लखनऊ. योगी कैबिनेट के संगम नगरी इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज रखने के प्रस्ताव पर मोहर लगा दी है। अब से इलाहाबाद को प्रयागराज कहा जाएगा। उम्मीद थी कि कुंभ से पहले इस शहर का नाम बदल जाएगा।ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार 16 वीं सदी के पूर्व इलाहाबाद को प्रयाग व प्रयागराज के नाम से ही जाना जाता था। जानें फिर कैसे इसका बदल गया नाम-
अकबर ने बदला था नाम
कहा जा है कि मुगल शासक अकबर ने इसका नाम बदला। तिहासिक अभिलेखों के अनुसार 16 वीं सदी के पूर्व इलाहाबाद को प्रयाग व प्रयागराज के नाम से ही जाना जाता था। 1526 में यह पौराणिक भूमि मुगलों के अधीन हो गई । तब मुगल शासक अकबर ने इस ऐतिहासिक नगरी का नाम बदलकर अल्लाहाबाद कर दिया। अंग्रेजी में आज भी इसे अल्लाहाबाद ही कहा जाता है, लेकिन बोलचाल की भाषा में इसे इलाहाबाद कहा जाने लगा और यही नाम अब सरकारी अभिलेखों में दर्ज है।
पुराणों में है उल्लेख
कई जानकार बताते हैं कि पुराणों के अनुसार संगमनगरी प्रयाग को समस्त तीर्थों में सर्वोत्तम और सर्वश्रेष्ठ माना गया है। देवताओं की यज्ञभूमि होने के कारण भी उसे प्रयाग, नाम से अभिहित किया गया। यज्ञ-यगादि और दान-पुण्य के सर्वथा अनुकूल एवं उपयुक्त समझकर ही स्वयं भगवान विष्णु और त्रिलोकपति शंकर ने इसका प्रयाग नामकरण किया।
सीएम योगी ने की थी घोषणा
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों कहा था कि जल्द ही इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने का प्रयास चल रहा है।यहां सर्किट हाउस में मार्गदर्शक मंडल की पहली बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा, "मार्गदर्शक मंडल की बैठक में हर तबके खासकर अखाड़ा परिषद, प्रबुद्ध वर्ग से एक प्रस्ताव आया है कि इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया जाए।"
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि राज्यपाल महोदय ने भी इस पर अपनी सहमति दी है। जब हम प्रयाग की बात करते हैं तो जहां दो नदियों का संगम होता है, वह अपने आप में एक प्रयाग हो जाता है। आपको उत्तराखंड में विष्णु प्रयाग, देव प्रयाग, रुद्र प्रयाग, देव प्रयाग, कर्ण प्रयाग देखने को मिलेंगे।'
कई बार हुई नाम बदलने की कोशिश
बता दें कि पहले भी इलाहाबाद का नाम बदलने की तमाम कोशिशें हुईं। देश को आजादी मिलने के बाद स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने के लिए 1954 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखा था। उन्होंने वेद-पुराणों का हवाला देते हुए नेहरू से मांग की थी कि इलाहाबाद को प्रयागराज का नाम देना चाहिए, क्योंकि इससे ङ्क्षहदुओं की धार्मिक व मानसिक भावनाएं जुड़ी हैं।
Published on:
16 Oct 2018 12:37 pm
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