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लखनऊ में 29 जातियां सम्मेलन में शामिल हुई

सुदर्शन अम्बेडकर युवा महासभा के द्वारा अपनी 11 सूत्री मांगो को सम्मेलन में रखा
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लखनऊ

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Mahendra Pratap Singh

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Updated: 2 Jul 2018, 12:42 PM IST

Ambedkar Yuva Mahasabha

सुदर्शन अम्बेडकर के अनुवायी हजारों की संख्या में सम्मेलन में भाग लेने के लिए देश भर से आए जिसमें प्रमुख रूप से दिल्ली, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पंजाब व कई प्रदेशों के पूर्व सांसद व विधायक सहित समाज के धानुक, धानक, धानका, धरकार, हेला, डोम, डोमार, बसोर, बसफोर, महार, कठेरिया आदि 29 जातियां सम्मेलन मे सम्मिलित हुई।

Ambedkar Yuva Mahasabha

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री उ0प्र0 व राष्ट्रीय अम्बेडकर महासभा के अध्यक्ष डा0 लालजी प्रसाद निर्मल ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज वह समय आ गया है कि हमारा समाज कई प्रकार से अलग-अलग जातियों में बटा हुआ हैं अब उनको सुदर्शन धानुक समाज के बैनर तले एक होकर अपनी ताकत दिखानी चाहिए जिसे राजनैतिक व सामाजिक ताकत के रूप में समाज एक अलग पहचान अपनी बना सके। उपाध्यक्ष रामबाबू ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हमारे समाज में जितनी अशिक्षा फैली हुई है उसी का फायदा उठाकर राजनैतिक पार्टियां हमारे समाज को राजनैतिक रूप से नजर अन्दाज करने में कोई कसर नही छोड़ती। लेकिन अब अपने समाज को एक होकर अपने हक की लड़ाई लड़ने का वक्त आ गया है, संघर्ष करने का वक्त आ गया है एकत्र होकर समाज को आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है।

Ambedkar Yuva Mahasabha

प्रदेश अध्यक्ष लालजी धानुक ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमे अपने समाज के हित के लिए संगठित होकर उसे शिक्षित बनाने की जरूरत है जिसके लिए हमारे समाज को शिक्षित होना पड़ेगा हमारे समाज को शिक्षित बनाने के लिए हम सभी को संगठित रूप से प्रयास करना होगा जिससे आने वाले समय में जो हम आज 29 जातियों के नाम से अलग-अलग पहचाने जाते हैं सम्मेलन का मकसद है कि उन तमाम जातियों को एक मंच पर लाकर संगठित किया जाएगा जिससे हमारे समाज की एक अलग पहचान और राजनैतिक ताकत के रूप में नजर आए।