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गोद में बच्चा लेकर हाईकोर्ट की छत पर चढ़ी महिला, बोली – मुझे न्याय नहीं मिला, मैं कूद जाउंगी

Lucknow High Court High Voltage Drama : पति से तलाक और न्याय न मिलने से आहत महिला मासूम बच्चे को लेकर 5 मंजिला इमारत की छत पर चढ़ी। एक घंटे चले रेस्क्यू के बाद महिला सिपाही ने सूझबूझ से बचाई जान।

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लखनऊ हाईकोर्ट की छत पर चढ़ी महिला, PC- Patrika

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित हाईकोर्ट परिसर शुक्रवार को उस वक्त छावनी और अखाड़े में तब्दील हो गया, जब एक महिला अपने कलेजे के टुकड़े को गोद में लेकर पांच मंजिला इमारत की छत पर जा चढ़ी। महिला चिल्ला-चिल्लाकर कह रही थी, 'मुझे न्याय नहीं मिला, मैं आज यहीं से कूदकर जान दे दूंगी।' करीब एक घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने वकीलों, सुरक्षाकर्मियों और फरियादियों की सांसें अटका दीं।

तलाक के केस में मेडिएशन के लिए आई थी महिला

घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे हाईकोर्ट के सी-ब्लॉक की है। महिला की पहचान रूपाली के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, रूपाली का उसके पति के साथ तलाक का मुकदमा चल रहा है। वह तीसरी बार कोर्ट में 'मेडिएशन' (सुलह-समझौता प्रक्रिया) के लिए पेश होने आई थी। बताया जा रहा है कि कोर्ट परिसर में ही किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच तीखी कहासुनी हो गई। इसी बात से आहत होकर रूपाली गुस्से और हताशा में अपने छोटे बच्चे को लेकर सीधे बिल्डिंग की छत पर जा पहुंची।

रेलिंग पर खड़ी महिला, नीचे मची अफरा-तफरी

जैसे ही लोगों ने महिला को छत की रेलिंग के किनारे खड़ा देखा, नीचे भारी भीड़ जमा हो गई। वकील और आम लोग उसे नीचे उतरने की मिन्नतें करने लगे, लेकिन रूपाली रो-रोकर अपनी व्यथा सुना रही थी और बार-बार कूदने की धमकी दे रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सीआरपीएफ (CRPF) और पुलिस की टीम को बुलाया गया। एहतियात के तौर पर बिल्डिंग के नीचे सुरक्षा जाल बिछाया गया ताकि अनहोनी होने पर उसे बचाया जा सके।

महिला सिपाही की सूझबूझ से बची दो जानें

छत पर पहुंची महिला पुलिसकर्मियों ने रूपाली से बातचीत शुरू की। सुरक्षाकर्मियों ने उसे बातों में उलझाए रखा ताकि उसका ध्यान भटकाया जा सके। सीआरपीएफ के अधिकारी आर.के. तिवारी ने बताया कि टीम ने बहुत ही धैर्य से काम लिया। जब रूपाली भावुक होकर बोलने में व्यस्त थी, तभी एक महिला सिपाही ने फुर्ती दिखाते हुए उसे पीछे से कसकर पकड़ लिया और रेलिंग से नीचे खींच लिया।

करीब एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

करीब एक घंटे चले इस तनावपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रूपाली और उसके बच्चे को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने महिला को शांत कराया और उसे उचित कानूनी मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।