
आज राज्यपाल पद की शपथ लेंगी आनन्दी बेन पटेल, एयपरपोर्ट पर भव्य स्वागत की तैयारी
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की मनोनीत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (anandi ben patel) आज राजभवन के गांधी सभागार में राज्यपाल पद की शपथ लेंगी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोविन्द माथुर मनोनीत राज्यपाल को शपथ दिलायेंगे। शपथ ग्रहण के लिये वह सुबह 10.20 बजे चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अमौसी (Chaudhary Charan Singh International Airport, Amausi) पहुंची। एयरपोर्ट पर विशिष्ट महानुभाव ने उनका स्वागत किया। इसके साथ ही पुलिस उनको गार्ड ऑफ ऑनर (Guard of Honor) दिया। इसके पश्चात वह राजभवन (Raj Bhawan) गई। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath), डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya), डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा (Deputy CM Dinesh Sharma) समेत सरकार के कई मंत्री शामिल होंगे। वहीं उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक (Governor Ram Naik) आज दोपहर में 2.45 बजे मुंबई जाने के लिए राजभवन से अमौसी हवाई अड्डे को प्रस्थान करेंगे।
"लौह महिला" कही जाती है आनंदीबेन पटेल
आनंदीबेन पटेल को वर्ष-2014 के शीर्ष 100 प्रभावशाली भारतीयों में उन्हें सूचीबद्ध किया गया। गुजरात की राजनीति में "लौह महिला" के रूप में जानी जाती हैं। जनवरी 2017 में मध्य प्रदेश की राज्यपाल नियुक्त हुई थी। आनंदीबेन पटेल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की करीबी मानी जाती हैं। मनोनीत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि भेंट के अवसर पर पुष्प गुच्छ आदि के बजाय पुस्तकें एवं खाद्य वस्तुएं दी जानी चाहिए जिन्हें किसी जरूरतमंद को दिया जा सके जो किसी के उपयोग में आ सके। आनंदीबेन पटेल का मानना है कि पुष्प स्वीकार कर निश्चय ही सुखद अनुभूति होती है पर फूल के खराब होने के साथ पैसे भी बेकार हो जाते हैं। उसकी अपेक्षा यदि कोई पुस्तक या खाद्य वस्तु आदि हो तो वह जरूरतमंद बच्चों को भी भेजी जा सकती है। इससे पहले भी वह राजभवन मध्य प्रदेश में खाद्य वस्तुओं एवं किताबों को अनाथालय, वृद्धाश्रम और मलिन बस्तियों के बच्चों को उपहार स्वरूप भेजती रही हैं।
पुत्री अनार पटेल पहुंचीं लखनऊ
अपनी मां के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिये मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल की बेटी अनार पटेल राजधानी लखनऊ पहुंच गई है। इसी के साथ राजभवन अधिकारियों को नए निर्देश भी जारी हो गए। बताया गया कि शिष्टाचार भेंट के दौरान लोगों से उपहार स्वरूप मिलने वाली पुस्तकों व खाद्य वस्तुओं को राज्यपाल राजभवन से अनाथालय, वृद्धाश्रम और मलिन बस्तियों के बच्चों को भेजेंगी। उन्होंने पुष्प गुच्छ दिए जाने की परंपरा को खत्म करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैैं।
Updated on:
29 Jul 2019 10:53 am
Published on:
29 Jul 2019 08:29 am
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