
Lucknow Amausi Airport
लखनऊ. राजधानी के व्यस्ततम चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (अमौसी एयरपोर्ट) पर वन्य जीव बड़ी समस्या की वजह बनते जा रहे हैं। एयरपोर्ट के रनवे के करीब कुछ ग्रामीण हिस्सों व जंगलों से निकलने वाले जानवार व वन्य जीव किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। यहां कई बार रनवे तक हिंसक वन्य जीव भी पहुंच जाते हैं। कई बार इन्हें रनवे एरिया में दौड़ लगाते भी देखा गया। लेकिन अब एयरपोर्ट अथॉरिटी रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट सेल की तैनाती कराएगी।
जानवरों की दौड़ पर लगेगी लगाम
जानकारी के मुताबिक कई बार एयरपोर्ट के रनवे एरिया में जंगल व ग्रामीम क्षेत्र से जानवार व वन्य जीव पहुंच जाते हैं। इसके लिए कैमरा युक्त पिंजरे भी एयरपोर्ट पर लगाए गए। लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहे हैं। एयरपोर्ट पर फ्लाइट की जगह जानवर दौड़ते भी नज़र आ जाते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट अथॉरिटी और वन्य विभाग के बीच बैठक में रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट सेल बनाने पर सहमति बनी है। यह यूनिट एयरपोर्ट पर तैनात की जाएगी जो रनवे से जुड़े इलाकों से अंदर आने वाले जानवारों व वन्य जीवों पर नज़र रखेगी। इस टीम के पास ट्रैंकुलाइजर गन, नेट, विशेष वाहन, सर्च लाइट व अन्य जरूरी समान भी रहेंगे।
ट्रैंप से नहीं बन रहा काम
अमौसी एयरपोर्ट के रनवे के करीब कुछ जगंल व ग्रामीण क्षेत्र खुला हुआ है। इन ग्रामीण इलाकों में रहीमाबाद, पुराना, गुरौरा, भट्टेखेंड़ा समेत अन्य गांव भी हैं। यहां से सियार से लेकर अन्य हिंसक जीव भी रनवे तक पहुंच जाते हैं। हालांकि इन्हें रोकने के लिए कैमरा युक्त कई पिजंड़े भी लगाए गए हैं, लेकिन शुरू में कुछ जानवर इसमें फंसे बाद में इसका रिस्पॉंस कम हो गया।
यात्रियों की सुरक्षा का सवाल
अमौसी एयरपोर्ट से रोजाना करीब 65 घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ाने भरी जाती हैं। इन उड़ानों में हजारों यात्री सवार रहते हैं। वहीं राजधानी लखनऊ में वीवीआईपी और वीआईपी मूवमेंट ज्यादा होने के कारण एयरपोर्ट पर प्राइवेट प्लेन, हेलिकॉप्टर व सरकारी उड़ाने भी होती है। ऐसे में जानवरों व वन्य जीवों का अचानक रनवे पर आ जाना काफी खतरनाक हो सकता है।
Published on:
16 Oct 2017 01:30 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
