
aparna yadav
लखनऊ. राजधानी लखनऊ में आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने शुक्रवार को मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। वहीं मुलाकात के पीछे क्या कारण रहा है इसकी तस्वीर अभी तक साफ नहीं हो पाई है। पर अपनी इन तस्वीरों में अपर्णा यादव ने यह बात साफ की है कि वे श्री श्री रविशंकर से आशीर्वाद लेने के लिए आई हैं । वहीं उनके फॉलोवर्स ने उनकी तारीफ की तो कुछ एेसे भी फॉलोवर्स देखे गए जिन्होंने अपर्णा यादव को श्रीश्री रविशंकर से दूर रहने की सलाह दे डाली ।
बता दें, कि श्रीश्री रविशंकर अपने अयोध्या प्रवास के दौरान श्रीरामजन्मभूमि विवाद के शांतिपूर्ण हल के लिए सभी पक्षकारों समेत राजनैतिक पार्टियों के वरिष्ट नेताओं से मुलाकात की ।
इससे पहले भी श्रीश्री रविशंकर ने समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव से उनके आवास पर मुलाकात की थी । वहीं शिवपाल ने ट्वीट करके इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर दी ।
श्रीश्री अपने अयोध्या दौरे के से पहले लखनऊ में मुख्यमंत्री सीएम योगी से 15 नवंबर को लखनऊ में मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक CM हाउस में मुलाकात हुई । वहीं 16 नवंबर को सड़क मार्ग से अयोध्या पहुंचें । वह सीधे मणिराम छावनी जाएंगे और श्रीरामजन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात की। इसके बाद वह न्यास के सदस्य डॉ. रामविलास वेदांती, मस्जिद के पैरोकार स्वर्गीय हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी से मुलाकात की।
अयोध्या मसले पर फिरंगी महली से मिले श्री श्री रविशंकर
अयोध्या मसले का मध्यस्थता से श्री श्री रविशंकर ने शुक्रवार को लखनऊ में मुस्लिम धर्मगुरु और ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना रशीद फिरंगी महली से मुलाकात की। श्री श्री ऐशबाग ईदगाह पहुंचे जहां फिरंगी महली से उनकी मुलाआत हुई और इस मसले पर दोनों के बीच चर्चा हुई।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान रविशंकर ने कहा कि हमें अपने देश की संस्कृति को आगे बढ़ाना है। बातचीत के जरिये हर समस्या को हल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अदालत का सम्मान है लेकिन अदालत दिलों को नहीं जोड़ सकता। उन्होंने कहा कि वे मानते हैं कि काफी देर हो चुकी है लेकिन अभी भी संभावनाएं हैं। हम कोई एजेंडा लेकर नहीं चल रहे हैं बल्कि एक रास्ता खोज रहे हैं। आप समय दीजिए, बहुत जल्दबाजी नहीं कीजिये। सबसे बात करेंगे। धार्मिक लोग एकत्र होंगे। पूरा विश्वास है कि यदि दोनों तरह के नेता बैठेंगे तो दूरियां कम होंगी।
Updated on:
17 Nov 2017 04:26 pm
Published on:
17 Nov 2017 04:23 pm
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