
लखनऊ में सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया
ritesh singh
लखनऊ,प्रति वर्ष 7 दिसंबर को सशस्त्र झंडा सेना दिवस मनाया जाता है। झंडा दिवस यानी देश की सेना के जांबाज सैनिकों के प्रति सम्मान व कृतज्ञता प्रकट करने का दिन। 07 दिसंबर 1949 से हम प्रतिवर्ष सशस्त्र बलों- सेना, नौसेना एवं वायु सेना के जवानों के हितार्थ इस दिन मनाते आ रहे है।
देश की स्वतंत्रता के पश्चात रक्षा कर्मियों के कल्याण की जरूरत को समझते हुए सरकार द्वारा रक्षा मंत्री के नेतृत्व में 28 अगस्त 1949 को एक कमेटी की गठन की जिसने प्रत्येक वर्ष 07 दिसंबर को ‘सशस्त्र झंडा सेना दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया।
इस दिवस को मनाने की परिकल्पना छोटे-छोटे झंडे लोगों में बॉंटकर उनके द्वारा किये गये अंशदान को एकत्र करना और उसे ‘सशस्त्र झंडा सेना दिवस कोष’ में जमा करना था। झंडा दिवस लोगों द्वारा सशस्त्र बलों के जवानों एवं उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना है जो हर विपरीत परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देकर हमारी रक्षा करते हैं। इस दौरान सशस्त्र बलों से जुड़े लाल, गहरे व हल्के नीले झंडे लोगों में वितरित किये जाते हैं और उनके द्वारा प्राप्त अंशदान धनराशि का सदुपयोग उनके हितार्थ एवं कल्याणकारी कार्यो में किया जाता है।
सशस्त्र सेना दिवस कोश में प्राप्त धनराशि संग्रह को जिन सैन्य कल्याणकारी कार्यों में खर्च किया जाता है उसमें युद्ध के दौरान हुई जनहानि में सहयोग व पुनर्वास, युद्ध विधवाओं, षहीदों के बच्चों के कल्याण, विकलांग सैनिकों के कल्याण, सेना में कार्यरत कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण और सहयोग हेतु तथा सेवानिवृत सैन्य कर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु शामिल है। झंडा दिवस कोश का प्रबंधन स्थानीय केन्द्रीय सैनिक बोर्ड, जो कि रक्षा मंत्रालय का एक अंग है द्वारा पूरे देश में किया जाता है।
Published on:
07 Dec 2018 04:14 pm
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