
यूपी की राजधानी लखनऊ में एक हनुमान सेतु पर बजरंगबली का मंदिर है। भक्त अगर दर्शन करने नही जा पाते तो लेटर भेजकर ही अपनी मनोकामनाएं पूरी कर सकते हैं। हनुमान सेतु मंदिर में दर्शन करने के लिए बड़े पर हजारो लेटर आते हैं।
लेटर हनुमान जी का चढ़ाने के बाद भूमि में विसर्जित कर दिया जाता है
लेटर को हनुमान जी को चढ़ाने के बाद उसे भूमि में विसर्जित कर दिया जाता है। मंदिर के मुख्य पुजारी चंद्रकांत द्विवेदी के अनुसार बाबा नीब करौरी ने मंदिर निर्माण के दौरान बोले थे कि हनुमान जी के दर्शन से सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। कोई श्रद्धालु दर्शन के लिए नहीं आ सकता तो सच्चे मन से बजरंग बली को लेटर भेजकर मन्नत मानेगा तो सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाएंगी।
बाबा नीब करौरी ने लखनऊ को बाढ़ की त्रासदी से बचााया था
बाबा नीब करौरी ने 70 दशक में राजधानी को बाढ़ की त्रासदी से बचाया था। गोमती नदी के उफान को मंदिर निर्माण ने बचा लिया था। बाबा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बाढ़ के सैलाब को शांत किया था। नदी पर पुल निर्माण के लिए भी बाबा का योगदान रहा है। पुल बनता और बार बार गिर जाता थ तो बाबा ने अधिकारियों से मंदिर बनाने के लिए का था। कोलकाता के एक बिल्डर ने पुल के साथ मंदिर का निर्माण कराया। 26 जनवरी 1967 को मंदिर बनकर तैयार होने के साथ दर्शन शुरू हो गए।
Updated on:
15 Dec 2023 04:47 pm
Published on:
15 Dec 2023 04:46 pm
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