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लखनऊ: सदियों पुराने रूमी दरवाजा में आई दरार, मरम्मत का काम चालू

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI ने प्रतिष्ठित रूमी दरवाजा की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। 2 सदियों से भी ज्यादा पुराने दरवाजे को मजबूत बनाने में करीब 5 महीने लग जाएंगे।

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लखनऊ

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Adarsh Shivam

Dec 11, 2022

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रूमी दरवाजा

लखनऊ के पौराणिक रूमी दरवाजा के ऊपरी हिस्से में दरार आ गई है। रूमी गेट के नीचे से गुजरने वाली बड़ी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। ताकि दरारों को बंद किया जा सके। यह 2 सदियों से भी ज्यादा पुराना दरवाजा है। इसकी मरम्मत का काम चालू कर दिया गया है।

इसका काम लगभग 5 से 6 महीने में पूरा हो जाएगा। अधिकारियों ने कहा,गेट अभी जर्जर हालत में नहीं है। बस कुछ दरारें सामने आई हैं। इसे लेकर स्थानीय प्रशासन को ट्रैफिक डायवर्ट करने के लिए कहा गया है।

भारी वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। केवल दोपहिया वाहनों और अन्य छोटे वाहनों को बगल से जाने की अनुमति दी गई है। अधिकारियों ने कहा, ASI ने पिछले हफ्ते प्रशासन को एक पत्र भेजा था। इसमें गेट का काम शुरू करने के लिए और यातायात पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था।

सदियों पुराना है यह दरवाजा
रूमी दरवाजा 238 साल पुराना है और इसके मरम्मत की बहुत जरूरत है। यह लखनऊ के हुसैनाबाद क्षेत्र में है। रूमी दरवाजा ऐतिहासिक नवाब युग की संरचना का हिस्सा है। जो शहर में पर्यटन स्थल भी हैं।

1775 से 1797 तक अवध पर नवाब आसफ-उद-दौला का शासन था। उन्होंने 1775 में राजधानी को फैजाबाद से लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था। नौ साल बाद 1784 में नवाब आसफ-उद-दौला अकाल के दौरान बनवाया था ताकि लोगों को रोजगार मिल सके।