
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. ATM Rule Change from 1st August : भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) पहले ही सभी बैंकों को एटीएम व्यवहार पर सुधारित शुल्क वसूली की इजाजत दे चुका है। उपभोक्ता अपने बैंक के एटीएम (Bank ATM) से महीने में पांच बार पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन इसके बाद प्रत्येक एटीएम ट्रांजेक्शन (ATM Transaction) पर शुल्क वसूला जाएगा। बता दें कि बीते सात साल के बाद पहली बार शुल्क वसूली में यह बदलाव किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ेगा।
बता दें कि बैंकों को कई स्थानों पर एटीएम केंद्र स्थापित कर उसकी देखरेख के लिए खर्च उठाना पड़ता है। इसी खर्च को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए रिजर्व बैंक ने ये फैसला लिया है। रिजर्व बैंक ने जून 2019 में एक समिति का गठन किया था, जिसने यह अध्ययन किया कि प्रत्येक ट्रांजेक्शन के लिए कितना शुल्क वसूला जाए। जबकि इससे पहले अगस्त 2012 में एटीएम से निकासी पर शुल्क वसूली का निर्णय लिया गया था, जिसके बाद अगस्त 2014 में बदलाव किए गए थे।
1 अगस्त से इंटरचेंज शुल्क में बढ़ोतरी
1 अगस्त से एटीएम ट्रांजेक्शन चार्ज (ATM Transaction Charge) महंगा हो जाएगा। वित्तीय लेनदेन के लिए इंटरचेंज शुल्क में भी दो रुपए की बढ़ोतरी की गई है। नए नियम के तहत 15 के स्थान पर 17 रुपए का चार्ज लगेगा। वहीं, वित्तीय लेनदेन के लिए 5 रुपए के स्थान पर 6 रुपए देने होंगे। इंटरचेंज शुल्क में बढ़ोतरी एक अगस्त 2021 से लागू होगी। बता दें कि क्रेडिट या डेबिट कार्ड के माध्यम से वसूला जाने वाला शुल्क ही इंटरजेंज शुल्क कहलाता है।
एक जनवरी 2022 से लागू होगा ये नया नियम
नए नियम के तहत उपभोक्ता बैंक के एटीएम से माह में पांच बार पैसे की निकासी निशुल्क कर सकता है। इसके बाद प्रत्येक ट्रांजेक्शन के लिए शुल्क वसूला जाएगा। उपभोक्ताओं से इसके लिए प्रति ट्रांजेक्शन 20 रुपए शुल्क लिया जाएगा। जबकि अन्य बैंक के एटीएम से उपभोक्ता केवल तीन बार ही निशुल्क पैसों की निकासी कर सकेंगे। इसके बाद शुल्क लगेगा।
Published on:
22 Jul 2021 05:54 pm
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