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महंगे होंगे आवास विकास के प्लाट और मकान

पीएम आवास के मकानों को बनाने के लिए सरकार केवल आवास विकास को फ्लैट का पैसा दे रही है जमीनों का नहीं।  

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महंगे होंगे आवास विकास के प्लाट और मकान

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आवास विकास परिषद के मकान और प्लाट महंगे होंगे। आवास विकास परिषद प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों के निर्माण पर आने वाला खर्च अन्य सामान्य श्रेणी के मकानों व प्लाटों पर लोड करने जा रहा है। इससे मध्यम और उच्च वर्ग के मकान और प्लाट महंगे हो जाएंगे। प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में बैठक में इस आशय का प्रस्ताव रखा जाएगा। बोर्ड में 8544 प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा जाएगा।

पीएम आवास के तहत प्रदेश में 8544 मकान और
बतादें कि आवास विकास परिषद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान बनाने जा रहा है। लखनऊ में पहले से ही करीब साढ़े चार हजार मकानों का निर्माण हो रहा है। अब 8544 और मकानों के निर्माण की मंजूरी का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखा जा रहा है। इनमें से 1344 मकान लखनऊ के कनकहा मोहनलालगंज, 1200 मझोला योजना मुरादाबाद तथा 6000 मकान मण्डोला विहार योजना गाजियाबाद में बनेंगे।

इन मकानों के निर्माण में परिषद की काफी जमीन जाएगी। सरकार जमीन का पैसा आवास विकास को नहीं दे रही है, केवल निर्माण के लिए साढ़े चार लाख रुपए दे रही है, जबकि इनके निर्माण व जमीन की कीमत पर परिषद का अरबों रुपए अतिरिक्त खर्च होगा। आवास विकास परिषद इसकी भरपायी के लिए अपनी दूसरी योजनाओं के मकानों व भूखण्डों की कीमतें बढ़ाएगा। इसके लिए बोर्ड में प्रस्ताव रखा जा रहा है। बोर्ड के निर्णय के बाद इसे लागू किया जाएगा। बोर्ड बैठक में किसानों से अर्जित जमीन के बदले उन्हें पांच प्रतिशत विकसित भूखण्ड देने का प्रस्ताव भी रखा जा रहा है। वर्ष 2002 के पूर्व निर्मित किसानों के निर्माणों के समायोजन पर भी बोर्ड में निर्णय होगा।

आउट सोर्सिंग से रखे जाएंगे
आवास विकास परिषद यहां रिक्त इंजीनियरों व लेखाकारों की भर्ती नहीं कर पा रहा है। बड़ी संख्या में अवर व सहायक अभियन्ताओं के पद रिक्त हैं। आवास विकास परिषद अब इनकी कमी को पूरा करने के लिए आउट सोर्सिंग से अवर अभियन्ताओं को रखने जा रहा है। इसी के साथ परिषद ने लेखाकार भी आउट सोर्सिंग से रखने की तैयारी की है। इसकी भी मंजूरी के लिए बोर्ड में प्रस्ताव रखा जा रहा है।

अंसल एपीआई बिल्डर से वापस ले सकता है जमीन
आवास विकास परिषद ने अपनी अवध विहार योजना की 54.876 एकड़ जमीन अंसल एपीआई बिल्डर को दी थी। तत्कालीन राज्य सरकार ने बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए यह जमीन उसे दिलवायी थी। लेकिन बिल्डर ने समय पर जमीन की कीमत नहीं चुकाई। अब इसका मामला भी बोर्ड में रखा जाएगा। परिषद बिल्डर से अपनी जमीन वापस लेने पर विचार कर रहा है।