Ayodhya : ऐतिहासिक राममंदिर निर्माण के बाद अयोध्या पर पूरी दुनिया की निगाहें ठहरी हैं। राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या को इंटरनेशनल सिटी के तौर पर स्थापित करने और पहचान दिलाने के लिए अनेक कार्य चल रहे हैं। जिसमें इसे देश के टॉप 9 शहरों में शुमार करने की योजना है, आइए जानते हैं रामनगरी अयोध्या में कहां क्या होने वाला है।
धर्म, अध्यात्म और भक्ति के इस प्राचीन नगर को लेकर उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने विस्तृत योजना तैयार किया है। इसके तहत प्राचीन धर्म नगरी को आधुनिक युग के अनुसार हाईटेक करने की योजना है। इसे तैयार कर उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने केंद्र सरकार को देश की नाइन सिटी चैलेज को भेजा गया है।
प्लान कुछ ऐसा तैयार किया गया है कि धर्म नगरी की भव्यता, प्राचीनता उसकी परंपरा आदि की आत्मा को बरकरार रखते हुए आधुनिक हाईटैक कलेवर दिया जाए। जिसमें मठ-मंदिरों, गौशाला, गुरुकुल से लेकर होटल, घरों और सडक़ों तक की सीमा और योजना तैयार की गई है।
केंद्र की नाइन सिटी चैलेंज योजना में अयोध्या
यूपी आवास विकास परिषद ने अयेाध्या में हाईटेक नव्य यानी न्यू अयोध्या को बसाने का प्लान तैयार किया है। इस प्लान के केंद्र सरकार की नाइन सिटी चैलेंज योजना में चयनित होने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा। आवास विकास परिषद के अभियंता व नव्य अयोध्या प्रोजेक्ट के प्रभारी ओपी पाण्डेय के अनुसार परियोजना के चयनित होनेे के बाद केंद्र सरकार करीब 1000 करोड़ रुपये का फंड देगी। जिससे इसे विस्तार के साथ हाईटेक सुविधाओं से जोडऩे में आर्थिक मजबूती मिलेगी।
केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलेगा
यह परियोजना कई महीनों पहले ही केंद्र सरकार को भेजी गई थी जिसपर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब इसके हरी झंडी मिलने का इंतजार है। पिछले 19 मई को इस प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय आवास विकास विभाग में साक्षात्कार हुआ था। इस योजना के 9 चैलेज सिटी में चयनित होते ही तेजी से काम शुरू हो जाएगा। इंटरव्यू में नव्य अयोध्या के प्रॉजेक्ट का चैलेंज सिटी के मानक के मुताबिक संशोधित प्रारूप भेजा गया है। उसके बारे में अतिरिक्त जानकारी मांगी जा सकती है, जिसे देने के लिए उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद तैयार है।
क्या होंगे बदलाव
नाइन सिटी चैलेंज योजना में चयनित होते ही इसके मानक के मुताबिक सडक़ों, ड्रेनेज, पेयजल, पाइपलाइन व धार्मिक महत्व के कुंड-सरोवरों आदि स्थलों को विकसित करने में शहरी एवं आवास विकास विभाग की गाइडलाइंस का पालन करना होगा। इसके अलावा इस शहर को देश के टॉप नौ शहरों की तरह हाईटैक सुविधआों से लैश कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, यहां पर आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों को धर्मनगरी अयोध्या में विश्व स्तरीय सुविधाओं का अनुभव मिलेगा।
क्या है नव्य अयोध्या का प्लान
नव्य अयोध्या प्राजेक्ट का निर्माण कुल 1200 एकड़ जमीन पर किया जाना है। जिसमें कुछ क्षेत्र को जोडऩे की संभावना है। प्रथम फेज के निर्माण में 539 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी, जबकि करीब 800 एकड़ के करीब जमीन की व्यवस्था किया जा चुका है। यह जमीन मांझा, मांझा तिहुरा, मांझा बरहटा, शाहनवाजपुर व इससे सटे गांवों से आपसी सहमति के आधार पर अधिग्रहीत की गई है।